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जेईई एडवांस में मोहन सिंह ने हासिल की ऑल इंडिया 12वीं रैंक, आईआईटी खड़गपुर में मिला कंप्यूटर साइंस

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एकेडमिक ग्लोबल स्कूल के 13 छात्रों ने जेईई मेन्स और तीन ने जेईई एडवांस में पाई सफलता

चाय पंचायत, गोरखपुर। पादरी बाजार स्थित एकेडमिक ग्लोबल स्कूल के छात्र मोहन सिंह ने जेईई एडवांस 2026 में ऑल इंडिया 12वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। उनका चयन आईआईटी खड़गपुर के प्रतिष्ठित कंप्यूटर साइंस विभाग में हुआ है। मोहन सिंह इससे पहले जवाहर नवोदय विद्यालय, कुशीनगर के छात्र रहे हैं।
मोमेंटम छात्र संघ और एकेडमिक ग्लोबल स्कूल की ओर से विभिन्न जवाहर नवोदय विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें जेईई की विशेष तैयारी कराई गई। नवोदय विद्यालय की तर्ज पर इन छात्रों को निःशुल्क आवास, भोजन और शिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इस बैच के 13 छात्रों ने जेईई मेन्स तथा तीन छात्रों ने जेईई एडवांस में सफलता हासिल की।
विद्यालय में चेयरमैन ई. संजीव कुमार, निदेशक राजेश कुमार, सहायक निदेशक संदीप कुमार तथा करियर काउंसलर पूर्णेन्दु शुक्ला के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, मॉक टेस्ट, विशेष अध्ययन सामग्री और व्यक्तिगत काउंसलिंग के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया गया।
चेयरमैन ई. संजीव कुमार ने कहा कि मोहन सिंह की उपलब्धि पूरे संस्थान के लिए गर्व का विषय है। यह उनकी मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का परिणाम है। संस्थान का उद्देश्य ग्रामीण एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर देश के श्रेष्ठ तकनीकी संस्थानों तक पहुंचाना है।
निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि विशेष बुकलेट, नियमित अभ्यास, विषयवार टेस्ट और अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन का छात्रों को सीधा लाभ मिला। परीक्षा के वास्तविक वातावरण के अनुरूप कराई गई तैयारी का परिणाम आज उत्कृष्ट सफलता के रूप में सामने आया है।
करियर काउंसलर पूर्णेन्दु शुक्ला ने बताया कि नियमित काउंसलिंग, कमजोरियों का विश्लेषण और लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रेरित करना तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। सही रणनीति, मानसिक मजबूती और निरंतर अभ्यास से बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मोहन सिंह ने इसका श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन को दिया। उन्होंने कहा कि नियमित मॉक टेस्ट, अध्ययन सामग्री, शिक्षकों के मार्गदर्शन, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास ने इस उपलब्धि तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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