समय पर जांच और इलाज से हेपेटाइटिस पर पाया जा सकता है नियंत्रण : एम्स गोरखपुर

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विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम और सीएमई का आयोजन
गोरखपुर। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर एम्स में 27 और 28 जुलाई को जन जागरूकता कार्यक्रम और सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग ने कम्युनिटी मेडिसिन और माइक्रोबायोलॉजी विभाग के सहयोग से किया।
कार्यक्रम के पहले दिन 27 जुलाई को गैस्ट्रोएंटरोलॉजी ओपीडी, आरएचटीसी दुमरी खास और आरएचटीसी शिवपुर में यकृत (लिवर) स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। इसमें हेपेटाइटिस से बचाव, टीकाकरण, समय पर जांच, स्वस्थ जीवनशैली और चिकित्सकीय परामर्श के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
इस अवसर पर एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ मेजर जनरल (डॉ.) विभा दत्ता, चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर अजय भारती, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सौरभ खेडिया, कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कोपरकर, माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डॉ. अरूप मोहंती सहित विभिन्न विभागों के चिकित्सक मौजूद रहे।
28 जुलाई को आयोजित सीएमई में विशेषज्ञों ने वायरल हेपेटाइटिस की रोकथाम और उपचार पर विचार रखे। कार्यक्रम में “भारत में हेपेटाइटिस बी उन्मूलन : चुनौतियां और आगे की राह” विषय पर सरवोदया हेल्थकेयर फरीदाबाद के सेंटर फॉर लिवर एंड डाइजेस्टिव साइंसेज के निदेशक एवं प्रमुख डॉ. भास्कर नंदी ने व्याख्यान दिया।
सीएमई में राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीएचसीपी) के तहत एम्स गोरखपुर की भूमिका पर भी चर्चा हुई। इसके बाद मेटाबॉलिक एसोसिएटेड स्टीटोटिक लिवर डिजीज (एमएएसएलडी) विषय पर बहुविषयक पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसमें मेडिसिन, न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी, पैथोलॉजी, पीडियाट्रिक्स, कम्युनिटी मेडिसिन, रेडियोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ शामिल हुए।
डॉ. भास्कर नंदी ने “चिकित्सा क्षेत्र में नेतृत्व की कला” विषय पर अतिथि व्याख्यान भी दिया। कार्यक्रम में डीन एकेडमिक्स प्रोफेसर महिमा मित्तल, डीन रिसर्च प्रोफेसर आनंद मोहन दीक्षित, डीन स्टूडेंट अफेयर्स प्रोफेसर शिखा सेठ, फैकल्टी सदस्य, रेजिडेंट और छात्र मौजूद रहे।
मेजर जनरल (डॉ.) विभा दत्ता ने कहा कि हेपेटाइटिस से बचाव के लिए जागरूकता, समय पर जांच, उचित उपचार और टीकाकरण बेहद जरूरी है। वहीं डॉ. सौरभ खेडिया ने कहा कि एम्स गोरखपुर लिवर स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और वायरल हेपेटाइटिस को सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त करने के राष्ट्रीय लक्ष्य में सक्रिय योगदान दे रहा है।

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