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– स्वजन ने जताया विरोध, पुलिस की मौजूदगी में कराया गया अंतिम दर्शन
– बड़े भाई ने दी मुखाग्नि, समझाइश के बाद शांत हुआ मामला
जगदीशपुर (गोरखपुर)। एम्स थाना क्षेत्र के जगदीशपुर में शुक्रवार को एक व्यक्ति की मौत के बाद उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब वर्षों पहले अलग होकर मायके में रह रही पत्नी अंतिम दर्शन के लिए ससुराल पहुंच गई। स्वजन ने इसका विरोध किया और दाह संस्कार को लेकर कहासुनी होने लगी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया, जिसके बाद अंतिम संस्कार कराया गया।
जगदीशपुर के शिव मंदिर टोला निवासी 45 वर्षीय योगेंद्र पासवान लंबे समय से बीमार थे। शुक्रवार सुबह उनका निधन हो गया। स्वजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी चौरीचौरा क्षेत्र में मायके में रह रही उनकी पत्नी उर्मिला देवी बेटी के साथ ससुराल पहुंच गईं। उन्होंने पति का अंतिम दर्शन कराने और अंतिम संस्कार में शामिल होने की इच्छा जताई।
इस पर स्वजन और पट्टीदारों ने आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि योगेंद्र के बीमार रहने के दौरान उर्मिला देवी कभी उनकी देखभाल या हालचाल लेने नहीं आईं। अब उनके निधन के बाद संपत्ति के लालच में दाह संस्कार में शामिल होने की मांग कर रही हैं। इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया।
सूचना मिलने पर जगदीशपुर चौकी प्रभारी गौरव तिवारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर पहले उर्मिला देवी को पति का अंतिम दर्शन कराया। इसके बाद शव को घाट भेजा गया।
योगेंद्र पासवान तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई रामदरश पासवान और मोहन पासवान हैं। अंततः बड़े भाई रामदरश पासवान ने मुखाग्नि दी। पुलिस की मौजूदगी में शांतिपूर्वक अंतिम संस्कार संपन्न होने के बाद विवाद समाप्त हो गया।
