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गोरखपुर। एम्स गोरखपुर में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रोबोटिक घुटना एवं कूल्हा प्रत्यारोपण सर्जरी की शुरुआत की गई है। संस्थान में पहली रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी प्रोफेसर अजय भारती, सर्टिफाइड रोबोटिक सर्जन एवं विभागाध्यक्ष, अस्थि रोग विभाग के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। सर्जरी में एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. विजेता वाजपेयी ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वर्तमान में यह सुविधा MAKO (Stryker) और VELYS (DePuy Synthes) रोबोटिक प्रणालियों के सहयोग से उपलब्ध कराई जा रही है। आठ अगस्त को आयोजित CME on Robotics के दौरान संबंधित कंपनियों ने प्रदर्शन के लिए ये रोबोटिक सिस्टम संस्थान को उपलब्ध कराए थे। एम्स प्रशासन अपने स्तर पर स्थायी रोबोटिक प्रणाली खरीदने की दिशा में भी प्रयासरत है।
एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता (सेना मेडल) के नेतृत्व और मार्गदर्शन में शुरू हुई इस सुविधा को संस्थान में आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। रोबोटिक तकनीक से घुटने और कूल्हे की जटिल सर्जरी में बेहतर सर्जिकल प्लानिंग और अधिक सटीकता हासिल करने में मदद मिलती है।
इस सुविधा के शुरू होने से पूर्वांचल और आसपास के क्षेत्रों के रोगियों को रोबोटिक जोड़ प्रत्यारोपण के लिए लखनऊ, दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों की ओर जाने की जरूरत कम होगी। एम्स प्रशासन का उद्देश्य संस्थान में आधुनिक चिकित्सा तकनीकों को उपलब्ध कराकर रोगियों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की शुरुआत इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

