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तीन वर्ष से ओमेगा स्टील कंपनी में कर रहे थे नौकरी, पार्थिव शरीर भारत लाने के लिए विदेश मंत्री से लगाई गुहार
गोरखपुर। चौरीचौरा क्षेत्र के बिलारी खास निवासी धर्मेंद्र यादव (35) की सोमवार को सूडान में स्टील फैक्ट्री की भट्ठी में हुए ब्लास्ट में मौत हो गई। वह करीब तीन वर्ष से सूडान की ओमेगा स्टील कंपनी में काम कर रहे थे। हादसे की सूचना मंगलवार को परिवार को मिली तो घर में चीख-पुकार मच गई। परिवार ने धर्मेंद्र का पार्थिव शरीर गांव लाने की मांग की है।
धर्मेंद्र परिवार के इकलौते पुत्र थे। उनके पिता राम जियावन यादव का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए धर्मेंद्र करीब तीन वर्ष पहले रोजगार के लिए सूडान गए थे। कुछ समय पहले वह छुट्टी लेकर घर आए थे और वापस काम पर लौट गए थे। सोमवार को कंपनी की भट्ठी में अचानक ब्लास्ट हुआ, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में उनकी मौत हो गई।
परिवार को दूरभाष से घटना की जानकारी मिली। इसके बाद से पत्नी अनीता देवी समेत अन्य स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार की ओर से धर्मेंद्र का पार्थिव शरीर भारत लाने के लिए प्रयास शुरू किए गए हैं।

विदेश मंत्री को लिखा पत्र
मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने बुधवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र भेजा है। पत्र में बिलारी खास निवासी अनीता देवी के प्रार्थना पत्र का हवाला देते हुए धर्मेंद्र यादव का पार्थिव शरीर भारत लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।

बताया गया कि धर्मेंद्र पासपोर्ट संख्या आर2506643 के आधार पर रोजगार के लिए सूडान गए थे। कंपनी के महाप्रबंधक ने परिवार को बताया है कि भारतीय दूतावास से आवश्यक अनुमति मिलने के बाद पार्थिव शरीर भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। परिवार अब दूतावास और कंपनी की कार्रवाई पूरी होने का इंतजार कर रहा है।

