एस्थेटिक्स कांफ्रेंस में एम्स के रेजिडेंट डॉ. रोहित को प्रथम पुरस्कार

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एलोपेसिया एरीटा के उपचार पर शोधपत्र की प्रस्तुति के लिए मिला एक लाख रुपये का पुरस्कार

गोरखपुर। एम्स गोरखपुर के त्वचा एवं यौन रोग विभाग के रेजिडेंट चिकित्सक डॉ. रोहित सिंह चौहान ने संस्थान का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। नई दिल्ली में आयोजित एस्थेटिक्स कांफ्रेंस-2026 में शोधपत्र की उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए उन्हें शोधपत्र श्रेणी में प्रथम पुरस्कार मिला। पुरस्कार के रूप में उन्हें एक लाख रुपये की राशि प्रदान की गई।
डॉ. रोहित ने यह शोध विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. सुनील कुमार गुप्ता और डॉ. शिवांगी राणा के सहयोग से किया। शोध में एलोपेसिया एरीटा यानी बाल झड़ने की बीमारी के उपचार में दो प्रतिशत टोफासिटिनिब के साथ सूक्ष्म सुई उपचार की प्रभावशीलता की तुलना केवल दो प्रतिशत टोफासिटिनिब से की गई।
अध्ययन में 74 रोगियों को शामिल किया गया। 24 सप्ताह तक किए गए अनुश्रवण के बाद सामने आया कि दोनों उपचारों की तुलना में टोफासिटिनिब के साथ सूक्ष्म सुई उपचार लेने वाले रोगियों में बालों की स्थिति में अधिक सुधार हुआ। उपचार की सुरक्षा भी संतोषजनक रही और किसी गंभीर दुष्प्रभाव की जानकारी नहीं मिली।
विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने डॉ. रोहित को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि विभाग में हो रहे गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय शोध, प्रमाण आधारित उपचार और युवा चिकित्सकों की अकादमिक प्रतिभा का प्रमाण है।
एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता, एसएम (सेवानिवृत्त) ने भी डॉ. रोहित सिंह चौहान और त्वचा एवं यौन रोग विभाग की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियां संस्थान में हो रहे उत्कृष्ट चिकित्सकीय शोध और युवा चिकित्सकों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करती हैं।

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