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गोरखपुर। कभी रेसर बाइक बनाने और तेज रफ्तार से बाइक चलाने का शौक रखने वाला गुड्डू ढाढ़ी देखते ही देखते अपराध की दुनिया का कुख्यात नाम बन गया। पीपीगंज के भरोहिया गांव निवासी 50 हजार रुपये के इनामी गुड्डू ढाढ़ी को गुरुवार को पीपीगंज पुलिस और स्वाट टीम ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। उसके पैर में गोली लगी है। पुलिस ने उसके कब्जे से तमंचा, खोखा व जिंदा कारतूस और वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद की है।
गुड्डू ढाढ़ी की अपराध की दुनिया में आमद भी उसकी बाइक चलाने की कला से ही हुई। गांव के आसपास हुए एक हत्याकांड के बाद वह आरोपितों के संपर्क में आया। रेसर बाइक बनाने और उन्हें तेज गति से चलाने में माहिर होने के कारण गिरोह के सदस्यों ने उसे वारदात के बाद भागने के लिए इस्तेमाल करना शुरू किया। पुलिस के अनुसार, इसके बाद वह धीरे-धीरे अपराधियों के संपर्क में आता गया और खुद भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया।
तेज रफ्तार बाइक चलाने और उन्हें तैयार करने की उसकी काबिलियत अपराधियों के लिए उपयोगी थी। वारदात के बाद पुलिस से बचकर निकलने के लिए गिरोह उसे अपने साथ रखने लगे। लंबे समय तक अपराधियों के साथ रहने के बाद गुड्डू ने खुद का आपराधिक नेटवर्क खड़ा कर लिया और गैंगस्टर बन गया। उसके विरुद्ध हत्या, लूट, चोरी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस और गैंगस्टर एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
सिसई पुल पर घेराबंदी, पुलिस पर की फायरिंग
पुलिस के अनुसार, गुरुवार को पीपीगंज पुलिस और स्वाट टीम को गुड्डू ढाढ़ी के सिसई पुल के पास होने की सूचना मिली। टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ने का प्रयास किया तो उसने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके बाएं पैर में घुटने के नीचे गोली लगी। घायल होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भेजा।
गुड्डू वर्ष 2023 में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित था और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने उसके विरुद्ध मुठभेड़ के बाद हत्या के प्रयास, पुलिस कार्रवाई में बाधा डालने और शस्त्र अधिनियम की धाराओं में नया मुकदमा दर्ज किया है।
दो दशक से अपराध की दुनिया में सक्रिय
पुलिस के अनुसार गुड्डू ढाढ़ी वर्ष 2004 से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है। उसके विरुद्ध पीपीगंज थाने में हत्या, लूट, चोरी, अवैध शस्त्र, मादक पदार्थ और गैंगस्टर एक्ट समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। संतकबीरनगर के खलीलाबाद थाने में भी हत्या और शस्त्र अधिनियम का मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क और पूर्व की वारदातों में उसकी भूमिका की पड़ताल कर रही है।

