Estimated reading time: 1 minute
गोरखपुर में 233 नए गांवों और तीन नगर पंचायतों में अब मानचित्र स्वीकृति का रास्ता साफ
जीडीए बोर्ड की 131वीं बैठक में बड़ा फैसला, पिपराईच, पीपीगंज और मुंडेरा बाजार के साथ विस्तारित विकास क्षेत्र में लागू होगी मानक संचालन प्रक्रिया
गोरखपुर। गोरखपुर के तेजी से विस्तार हो रहे क्षेत्रों में भवन निर्माण और विकास कार्यों को गति देने की दिशा में गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्राधिकरण बोर्ड की 131वीं बैठक में महायोजना-2031 के दायरे से बाहर आने वाले तीन नगर पंचायतों और 233 नए राजस्व गांवों में मानचित्र स्वीकृति का रास्ता साफ कर दिया गया है।
मंडलायुक्त एवं गोरखपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष इंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में शासन द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को अंगीकृत किया गया। इससे गोरखपुर विकास क्षेत्र की सीमा में शामिल पिपराईच, पीपीगंज और मुंडेरा बाजार नगर पंचायत तथा 233 नए राजस्व गांवों में जीडीए मानचित्र स्वीकृत कर सकेगा। महायोजना तैयार नहीं होने के कारण अब तक जिन क्षेत्रों में मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं थी, वहां विकास गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
खोराबार आवासीय योजना को मिले नए नाम
बैठक में खोराबार आवासीय योजना से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर भी निर्णय लिया गया। माइवान पद्धति से ग्रुप हाउसिंग भूखंड संख्या-08 पर निर्माणाधीन बहुमंजिली ईडब्ल्यूएस और एलआईजी भवनों का नाम रुद्राक्ष एनक्लेव रखा गया है।
वहीं, ग्रुप हाउसिंग भूखंड संख्या-07 पर निर्माणाधीन बहुमंजिली मिनी एमआईजी और एमआईजी भवनों का नाम मानसरोवर एनक्लेव रखा गया है।
इसके अलावा जीडीए की बहुमंजिली आवासीय योजना कुश्मी एनक्लेव का नाम बदलकर नवनाथ एनक्लेव करने को भी बोर्ड ने मंजूरी दी।
इन फैसलों से क्या बदलेगा?
233 नए राजस्व गांवों में मानचित्र स्वीकृति संभव होगी।
पिपराईच, पीपीगंज और मुंडेरा बाजार नगर पंचायतों में विकास गतिविधियों को गति मिलेगी।
महायोजना से बाहर के विस्तारित क्षेत्रों में भवन निर्माण की प्रक्रिया अधिक स्पष्ट होगी।
खोराबार आवासीय योजना के विभिन्न भवन अब रुद्राक्ष एनक्लेव और मानसरोवर एनक्लेव के नाम से पहचाने जाएंगे।
कुश्मी एनक्लेव का नया नाम नवनाथ एनक्लेव होगा।
जीडीए की सड़कों का रखरखाव अब नगर निगम करेगा
बोर्ड ने जीडीए की ओर से विकसित गोरक्ष एनक्लेव, पत्रकारपुरम, पत्रकारपुरम विस्तार और राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना सहित पैडलेगंज से आरकेबीके तक ताल रिंग रोड तथा पैडलेगंज से नया सवेरा फेज-1 तक सड़क को अनुरक्षण के लिए नगर निगम गोरखपुर को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
नगर निगम को 10 दिन के भीतर जीडीए के साथ संयुक्त निरीक्षण कर आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
रामगढ़ताल के विकास और सौंदर्यीकरण पर भी जोर
रामगढ़ताल को स्वच्छ रखने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों पर भी चर्चा हुई। बोर्ड ने जेट्टी पर स्थित फव्वारे का संचालन कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा नया सवेरा फेज-1 के प्रवेश द्वार के पार्श्व में स्थित सड़क पर भी समान स्वरूप का प्रवेश द्वार बनाए जाने पर विचार करने को कहा गया।
ठेकेदारों के पंजीकरण के लिए साल में दो मौके
जीडीए में सिविल और विद्युतीकरण कार्यों के लिए ठेकेदारों का पंजीकरण अब मार्च और सितंबर में साल में दो बार खोला जाएगा। इससे सभी श्रेणियों के ठेकेदारों को समान अवसर मिलने और प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है।
जर्जर जीडीए परिसंपत्तियों के पुनर्विकास की तैयारी
राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम लिमिटेड और जीडीए के माध्यम से शून्य वित्तीय भार पर जर्जर एवं पुरानी जीडीए परिसंपत्तियों के पुनर्विकास के प्रस्ताव पर बोर्ड ने सैद्धांतिक सहमति दी। विस्तृत विश्लेषण के बाद आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
प्रेक्षागृह का किराया भी घटा
प्राधिकरण के प्रेक्षागृह के बड़े और छोटे हॉल का किराया कम करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। अब बड़े हॉल का किराया 4.13 लाख रुपये से घटकर 1.30 लाख रुपये और छोटे हॉल का किराया 2.24 लाख रुपये से घटकर 47,200 रुपये होगा।
प्रथम तल पर स्थित दो छोटे हॉल को किराये पर देने की अनुमति भी दी गई। वहीं कैंटीन स्पेस और लाइब्रेसी हॉल को पीपीपी मॉडल पर देने का निर्णय लिया गया।
बैठक में जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल, नगर आयुक्त अजय जैन, नामित बोर्ड सदस्य राधेश्याम श्रीवास्तव, पवन कुमार त्रिपाठी, दुर्गेश बजाज सहित प्राधिकरण बोर्ड के अन्य सदस्य और अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रमुख बातें एक नजर में
233 नए राजस्व गांवों में मानचित्र स्वीकृति का रास्ता साफ
3 नगर पंचायतों—पिपराईच, पीपीगंज और मुंडेरा बाजार—में एसओपी लागू
रुद्राक्ष एनक्लेव—खोराबार भूखंड संख्या-08
मानसरोवर एनक्लेव—खोराबार भूखंड संख्या-07
नवनाथ एनक्लेव—कुश्मी एनक्लेव का नया नाम
1.30 लाख रुपये—बड़े प्रेक्षागृह का संशोधित किराया
47,200 रुपये—छोटे प्रेक्षागृह का संशोधित किराया
