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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के पास 49.97 करोड़ रुपये से बनेगा विज्ञान संग्रहालय, पांच थीम आधारित दीर्घाओं में विज्ञान और मानव विकास की मिलेगी जानकारी
गोरखपुर।
गोरखपुर में विज्ञान को किताबों और प्रयोगशालाओं से निकालकर रोमांचक अनुभव से जोड़ने की तैयारी है। योगी सरकार दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के पास अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक विज्ञान संग्रहालय का निर्माण कराने जा रही है। करीब 49.97 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह विज्ञान संग्रहालय विद्यार्थियों के साथ आम लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र होगा। नगर निगम की ओर से परियोजना की निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अब जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की तैयारी है।
विज्ञान संग्रहालय में आधुनिक सिमुलेशन, संवर्धित वास्तविकता और आभासी वास्तविकता जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। यहां विज्ञान के सिद्धांतों को केवल पढ़ने या देखने के बजाय उन्हें अनुभव करने का अवसर मिलेगा। संग्रहालय की सबसे बड़ी विशेषता पांच थीम आधारित दीर्घाएं होंगी।
पांच दीर्घाओं में दिखेगी विज्ञान और मानव विकास की यात्रा
संग्रहालय में कॉस्मिक कैनवास एंड फ्यूचर फ्रंटियर्स, मनुष्य (ह्यूमन जर्नी), इसरो, क्वांटम क्वेस्ट साइंस प्ले और जिओ साइंस विषय पर दीर्घाएं विकसित की जाएंगी।
कॉस्मिक कैनवास एंड फ्यूचर फ्रंटियर्स में आकाशगंगा और ब्रह्मांड से जुड़े रहस्यों को रोचक तरीके से समझाया जाएगा। वहीं जिओ साइंस दीर्घा में पृथ्वी की संरचना और प्राकृतिक घटनाओं की जानकारी मिलेगी। यहां डिजिटल सिस्मिक प्लेटफार्म के माध्यम से भूकंप जैसी आपदाओं को समझने का अवसर भी मिलेगा।
मनुष्य (ह्यूमन जर्नी) दीर्घा में मानव की विकास यात्रा को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। आभासी वास्तविकता तकनीक के जरिये प्राचीन गुफाओं के शैल चित्रों का अनुभव कराया जाएगा। जादुई आईने के माध्यम से मानव शरीर के विकास क्रम को भी समझाया जाएगा।
इसरो की उपलब्धियों से रूबरू होंगे दर्शक
इसरो दीर्घा में भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डा. विक्रम साराभाई की होलोग्राम छवि प्रदर्शित की जाएगी। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की उपलब्धियों को डिजिटल तकनीक और रॉकेट के विशेष माडलों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।

क्वांटम क्वेस्ट साइंस प्ले दीर्घा में विद्यार्थियों को रोबोटिक्स उपकरणों और हैंड्स-ऑन माडलों के माध्यम से भौतिकी के सिद्धांत समझने का अवसर मिलेगा। दैनिक जीवन से जुड़े वैज्ञानिक सवालों को प्रयोगों के माध्यम से सरल तरीके से समझाया जाएगा।
7डी थिएटर में मिलेगा सजीव अनुभव
विज्ञान संग्रहालय में अत्याधुनिक 7डी थिएटर भी बनाया जाएगा। इसमें मोशन सीट, हवा, सुगंध, पानी की फुहार और धुंध जैसे विशेष प्रभावों के माध्यम से वैज्ञानिक वृत्तचित्रों का अनुभव कराया जाएगा। इससे दर्शकों को विज्ञान को करीब से महसूस करने का अवसर मिलेगा।
वर्चुअल हेलिकॉप्टर राइड से देख सकेंगे गोरखपुर
संग्रहालय में वर्चुअल हेलिकॉप्टर राइड सिम्युलेटर भी लगाया जाएगा। इसके माध्यम से आगंतुक आभासी तकनीक की मदद से पूरे गोरखपुर की हवाई यात्रा का रोमांच महसूस कर सकेंगे। विज्ञान, तकनीक और मनोरंजन का यह संयोजन संग्रहालय को शहर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल कर सकता है।
सीएंडडीएस को मिली निर्माण की जिम्मेदारी
नगर निगम के मुख्य अभियंता अमित शर्मा के अनुसार विज्ञान संग्रहालय के निर्माण की कार्यदायी संस्था यूपी जल निगम नगरीय की यूनिट कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) को बनाया गया है। परियोजना की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी की जा रही है।
