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‘रंगीलो काशी’ राष्ट्रीय पशु मेले में गोरखपुर मंडल की महिला पशुपालक रूपा देवी की जर्सी गाय को मिला द्वितीय पुरस्कार
महराजगंज के सहजनवा बाबू गांव की रहने वाली हैं रूपा देवी, 77 हजार से अधिक महिला दुग्ध उत्पादकों वाले एमपीओ से जुड़ी हैं।
@राम प्रताप विश्वकर्मा, चाय पंचायत
गोरखपुर। मेहनत, बेहतर पशुपालन और वैज्ञानिक तरीके से डेयरी व्यवसाय करने का परिणाम महराजगंज की महिला पशुपालक रूपा देवी को राष्ट्रीय मंच पर मिला। उनके घर की जर्सी गाय ने वाराणसी में आयोजित ‘रंगीलो काशी’ राष्ट्रीय पशु मेले में 1.51 लाख रुपये का पुरस्कार जीत लिया। गाय को 24 घंटे में 25 लीटर से अधिक दूध देने के लिए द्वितीय पुरस्कार मिला। यह उपलब्धि श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (एमपीओ) से जुड़ी महिला दुग्ध उत्पादकों के लिए भी खास मानी जा रही है।
नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड की ओर से 19 और 20 सितंबर को वाराणसी में आयोजित पशु मेले में देशभर के पशुपालकों ने हिस्सा लिया। इसी प्रतियोगिता में महराजगंज जिले के बृजमनगंज विकासखंड के सहजनवा बाबू गांव निवासी रूपा देवी की जर्सी गाय ने बेहतर दुग्ध उत्पादन के आधार पर दूसरा स्थान हासिल किया। 1.51 लाख रुपये का पुरस्कार नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह ने प्रदान किया।
दूध उत्पादन में दिखाया दम, राष्ट्रीय मंच पर मिला सम्मान
रूपा देवी श्री बाबा गोरखनाथ कृपा एमपीओ की सदस्य हैं। उनकी जर्सी गाय ने 24 घंटे में 25 लीटर से अधिक दूध उत्पादन किया। इसी क्षमता के आधार पर उसे प्रतियोगिता में द्वितीय पुरस्कार के लिए चुना गया। राष्ट्रीय स्तर के पशु मेले में मिली इस उपलब्धि से रूपा देवी के साथ क्षेत्र की अन्य महिला पशुपालकों का भी उत्साह बढ़ा है।
एमपीओ के मुख्य कार्यपालक अधिकारी धनराज साहनी ने बताया कि रूपा देवी की गाय को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार संस्था से जुड़ी हजारों महिला दुग्ध उत्पादकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पशुपालन, पशुओं की बेहतर देखभाल और उन्नत तकनीक के इस्तेमाल से दुग्ध उत्पादन और पशुपालकों की आय दोनों बढ़ाई जा सकती हैं।
77 हजार से अधिक महिलाएं एमपीओ से जुड़ीं
श्री बाबा गोरखनाथ कृपा एमपीओ का गठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के सहयोग से किया गया है। गोरखपुर मंडल के सभी जिलों में सक्रिय इस संस्था का शत-प्रतिशत स्वामित्व महिला दुग्ध उत्पादकों के पास है। अब तक 77 हजार से अधिक महिला दुग्ध उत्पादक एमपीओ से जुड़ चुकी हैं।
संस्था का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को डेयरी व्यवसाय से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना और उनके परिवारों के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। एमपीओ से जुड़ी महिलाएं दूध उत्पादन और आपूर्ति के साथ वैज्ञानिक पशुपालन, बेहतर पशु प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दे रही हैं।
एक गाय की उपलब्धि, हजारों महिलाओं के लिए संदेश
रूपा देवी की जर्सी गाय को मिला 1.51 लाख रुपये का पुरस्कार सिर्फ एक पशुपालक परिवार की उपलब्धि नहीं है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए डेयरी व्यवसाय की संभावनाओं को भी सामने लाता है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में मिला यह सम्मान महिला दुग्ध उत्पादकों को गुणवत्तापूर्ण पशुपालन और अधिक दुग्ध उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।
