ओमान में मिसाइल हमले में देवरिया के सूरज की मौत

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MV Cape Dao पर वाइपर के पद पर तैनात था करमाजीतपुर का युवक, पानी में कूदने के दौरान सिर में लगी जहाज के मलबे से चोट

देवरिया। ओमान के पूर्वी तट के पास वाणिज्यिक मालवाहक जहाज MV Cape Dao पर हुए मिसाइल हमले में देवरिया के गौरी बाजार थाना क्षेत्र के करमाजीतपुर गांव निवासी सूरज यादव की मौत हो गई। जहाज पर वाइपर के पद पर कार्यरत सूरज 19 अगस्त को रोजगार के सिलसिले में ओमान गया था। बुधवार को जहाज पर हमला होने के बाद चालक दल के सदस्यों ने जान बचाने के लिए समुद्र में छलांग लगा दी। इसी दौरान जहाज से निकला मलबा सूरज के सिर से जा टकराया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना गांव पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण उसके घर पहुंच गए।

सूरज यादव करमाजीतपुर गांव के अहीरवाटी टोला निवासी ओमप्रकाश यादव का पुत्र था। वह मुंबई की एक कंपनी के माध्यम से वाणिज्यिक जहाज पर नौकरी करने गया था। परिवार के अनुसार, यह उसकी पहली विदेश यात्रा थी। उसके पिता भी रोजी-रोटी के लिए कुवैत में रहते हैं। बेटे की मौत की सूचना मिलने के बाद वह भी घर के लिए रवाना हो गए हैं।

भारत की ओर आ रहा था जहाज

MV Cape Dao ओमान के रास्ते भारत की ओर आ रहा था। भारतीय दूतावास के अनुसार, 23 सितंबर को जहाज पर हमला हुआ। हमले के बाद चालक दल को सुरक्षित निकालने के लिए ओमानी अधिकारियों ने कार्रवाई की। विदेश मंत्रालय ने बताया कि जहाज पर सवार भारतीयों में एक की मृत्यु हुई, जबकि अन्य भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया। दूतावास ओमानी अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है और मृतक के स्वजन के संपर्क में है।

फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया ने सूरज यादव की पहचान करते हुए बताया कि वह जहाज पर वाइपर के रूप में कार्यरत था। यूनियन के अनुसार जहाज पर कुल 28 चालक दल सदस्य थे, जिनमें 20 भारतीय थे। हालांकि, भारतीय दूतावास की शुरुआती सूचना में 19 भारतीय नागरिकों के सवार होने की बात कही गई थी।

मलबा सिर से टकराने से हुई मौत

हमले के बाद जहाज को छोड़कर चालक दल के सदस्य समुद्र में कूदे। इसी दौरान जहाज से निकला मलबा सूरज के सिर से टकरा गया। उन्हें गंभीर चोट आई और उनकी मौत हो गई। भारतीय विदेश मंत्रालय ने घटना पर दुख जताया है। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने भी सूरज की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए उनके पार्थिव शरीर को सम्मान के साथ भारत लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।

चार भाइयों में सबसे बड़ा था सूरज

सूरज चार भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके छोटे भाई सन्नी, समीर और साहिल अभी पढ़ाई कर रहे हैं। बेटे की मौत की सूचना मिलते ही मां पुष्पा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उनकी चीख-पुकार से पूरा गांव गमगीन हो गया। परिजनों को भरोसा नहीं हो रहा कि जो बेटा 19 अगस्त को रोजगार के लिए विदेश गया था, वह इतनी जल्दी दुनिया छोड़कर चला गया।
करमाजीतपुर के यादव टोले में मातम पसरा है। ग्रामीण लगातार परिवार के घर पहुंचकर स्वजन को ढांढस बंधा रहे हैं। परिजनों की सबसे बड़ी चिंता अब सूरज के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द गांव लाने की है। भारतीय दूतावास और संबंधित एजेंसियां शव को भारत लाने की प्रक्रिया में समन्वय कर रही हैं।

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