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डीएम-एसएसपी ने पूजा समितियों और डीजे संचालकों को दिए सख्त निर्देश, निर्धारित रूट और समय का करना होगा पालन
@राम प्रताप विश्वकर्मा, चाय पंचायत।
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गोरखपुर। शारदीय नवरात्रि और दुर्गापूजा को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले में इस बार 4460 दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित होंगी। जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. कोस्तुभ ने मंगलवार को पुलिस लाइन में पीस कमेटी, पूजा समितियों, रामलीला समितियों, पंडाल आयोजकों और डीजे संचालकों के साथ बैठक कर सुरक्षा और व्यवस्था के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आमजन की सुविधा से किसी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
डीएम ने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर पंडाल, विसर्जन मार्ग, बिजली व्यवस्था, सड़क, सफाई और यातायात से जुड़ी कमियां पर्व शुरू होने से पहले दूर कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जुलूस और विसर्जन के लिए निर्धारित रूट और समय का सभी पूजा समितियों को अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।
एसएसपी ने भीड़भाड़ और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने तथा लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि अभद्रता या माहौल खराब करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। पूजा समितियों से स्वयंसेवकों की व्यवस्था कर पुलिस का सहयोग करने को कहा गया।
डीजे की आवाज पर रहेगी निगरानी
डीजे संचालकों को निर्धारित मानकों के अनुसार ही ध्वनि बजाने के निर्देश दिए गए। ध्वनि की तीव्रता तय सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए। डीजे वाहनों पर अनावश्यक रूप से ऊंचे सेटअप से भी बचने को कहा गया, ताकि जुलूस और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आयोजन के नाम पर बच्चों, बुजुर्गों, रोगियों और आसपास के लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
पंडालों में बिजली और अग्निसुरक्षा जरूरी
पूजा पंडालों में बिजली के तार सुरक्षित रखने और खुले तारों को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए गए। अग्निशमन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम के साथ आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए एक से अधिक निकास द्वार रखने पर भी जोर दिया गया।
कृत्रिम तालाबों में ही होगा विसर्जन
प्रशासन ने प्रतिमा विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाब तैयार कराए हैं। पूजा समितियों को इन्हीं निर्धारित तालाबों में प्रतिमाओं का विसर्जन कराने के निर्देश दिए गए हैं। विसर्जन के दौरान निर्धारित मार्ग और समय में बदलाव की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन की ओर से विसर्जन स्थलों पर पुलिस, महिला पुलिसकर्मियों और यातायात पुलिस की तैनाती की जाएगी।

4460 प्रतिमाओं की क्षेत्रवार स्थिति
जिले में स्थापित होने वाली 4460 प्रतिमाओं में नगर क्षेत्र में 1465, दक्षिणी क्षेत्र में 1283 और उत्तरी क्षेत्र में 1712 प्रतिमाएं शामिल हैं। नगर क्षेत्र के कोतवाली सर्किल में 331, कैंट में 612 और गोरखनाथ में 521 प्रतिमाएं स्थापित होंगी।
उत्तरी क्षेत्र में कैंपियरगंज सर्किल में 499, गीडा में 392 और चौरीचौरा में 821 प्रतिमाएं स्थापित होंगी। दक्षिणी क्षेत्र में बांसगांव में 459, गोला में 431 और खजनी में 393 प्रतिमाएं स्थापित होंगी।
100 से अधिक स्थानों पर होंगे भंडारे
दुर्गापूजा के दौरान जिले में 100 से अधिक स्थानों पर भंडारे भी आयोजित किए जाएंगे। इन स्थानों पर भीड़ और यातायात प्रबंधन के लिए पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
अपर जिलाधिकारी नगर गजेन्द्र कुमार ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने और बैठक में सामने आई समस्याओं का समयबद्ध समाधान कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कागजी तैयारी के बजाय मौके पर पहुंचकर पंडाल, विसर्जन मार्ग और संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण करने को कहा गया।
बैठक में एसपी सिटी निमिष पाटिल, एसपी उत्तरी राजेश गुनावत, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मुकुल खंडेलवाल, एडीएम प्रशासन डा. वैभव शर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव, एसपी दक्षिणी दिनेश पुरी, एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, पूजा समिति और पीस कमेटी के सदस्य मौजूद रहे।
