तुर्रा नाले में डूबा 17 वर्षीय निखिल, देर शाम तक तलाश

IMG_20261011_000044

Estimated reading time: 1 minute

दोस्तों के साथ नहाने गया था किशोर, गहरे पानी में समाया; इकलौते बेटे के लिए नाले के किनारे बिलखते रहे पिता

गोरखपुर। दोस्तों के साथ नहाने निकला 17 वर्षीय निखिल कुमार तुर्रा नाले के गहरे पानी में डूब गया। बेटे के लापता होने की खबर सुनकर पहुंचे पिता रंजू प्रसाद नाले के किनारे उसे पुकारते रहे। उनकी आंखें बेटे की तलाश में जुटे लोगों पर टिकी थीं, लेकिन हर गुजरते पल के साथ बेचैनी बढ़ती जा रही थी। उधर, सूचना पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने नाले में तलाश अभियान चलाया, लेकिन शनिवार देर शाम तक निखिल का पता नहीं चल सका।
घटना शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे पिपराइच थाना क्षेत्र के रजही-चिलबिलवा स्थित तुर्रा नाले की है। स्थानीय लोगों के अनुसार, निखिल चार-पांच दोस्तों के साथ नहाने गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में डूब गया। साथ गए लड़कों से घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। एसडीआरएफ के आने से पहले स्थानीय युवकों ने भी नाले में उतरकर उसकी तलाश की। बाद में टीम ने खोज अभियान शुरू किया। एक घंटे से अधिक समय तक तलाश के बाद भी किशोर का सुराग नहीं मिला। घटना की जानकारी फैलते ही नाले के आसपास सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई।

पांच साल से मौसी के घर रह रहा था

निखिल पिपराइच थाना क्षेत्र के भटहट ब्लाक के पोखरभिंडा उर्फ चकदहा गांव का निवासी था। वह पिछले पांच साल से चिलबिलवा के डिप्टी टोला में मौसी रुमाली देवी और मौसा जयप्रकाश के घर रह रहा था। कक्षा 10 तक पढ़ाई करने के बाद वह स्टील बिल्डिंग से संबंधित काम करने लगा था।
निखिल के पिता रंजू प्रसाद पेंट-पॉलिश का काम करते हैं। वह परिवार के साथ नंदानगर में किराये के मकान में रहते हैं। निखिल उनका इकलौता बेटा था। उसकी तीन बहनें हैं। हादसे की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटनास्थल पर पहुंचे पिता बेटे की सलामती की आस में उसकी तलाश देखते रहे, जबकि घर में मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी पहुंचे

हादसे की सूचना पर पिपराइच थाना प्रभारी अनूप सिंह, चिलबिलवा के लेखपाल कुलान कुमार और रमवापुर चौकी प्रभारी अखिलेश कुमार अरुण मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ की टीम ने नाले में उतरकर निखिल की तलाश की। देर शाम तक सफलता नहीं मिलने पर परिवार की चिंता और बढ़ गई। नाले के आसपास मौजूद लोग भी खोज अभियान के परिणाम का इंतजार करते रहे।

Leave a Reply