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मुख्यमंत्री बोले- चुनाव जीतने पर श्रेय लेती है कांग्रेस, हारने पर ईवीएम और निर्वाचन आयोग को ठहराती है दोषी
संवैधानिक संस्थाओं और न्यायपालिका पर सवाल उठाने को बताया लोकतंत्र के लिए अनुचित
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर देश में अराजकता फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन अपनी राजनीतिक साख खो चुके हैं। अपनी हार छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं और न्यायपालिका को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है। देश की जागरूक जनता इस तरह की अराजकता को स्वीकार नहीं करेगी।
रविवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कई दिनों से दिल्ली में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की गतिविधियों से आम लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहचान के संकट और भ्रष्ट मंसूबों के चलते अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है। जनता उनके इस व्यवहार को देख रही है।
चुनाव जीतने पर पुरुषार्थ, हारने पर ईवीएम दोषी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस का रवैया ऐसा हो गया है कि चुनाव जीतने पर वह इसे अपना पुरुषार्थ बताती है, जबकि हारने पर ईवीएम और निर्वाचन आयोग को दोषी ठहराने लगती है। न्यायालय गुण-दोष के आधार पर फैसला देता है तो उसे भी कठघरे में खड़ा करने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना और अव्यवस्था फैलाना कांग्रेस की राजनीतिक कार्यशैली का हिस्सा बन गया है।
1985 के बाद यूपी में सत्ता में नहीं लौटी कांग्रेस
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को आत्ममंथन करना चाहिए कि जनता बार-बार उन्हें क्यों नकार रही है। वर्ष 1985 के बाद से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं बनी है। प्रदेश की जनता ने 41 वर्ष पहले ही कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया था। देश के दूसरे राज्यों में भी कांग्रेस के प्रति लोगों का मोहभंग हुआ है।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं को अपने नेतृत्व में बदलाव करने की सलाह देते हुए कहा कि उन्हें जनता का विश्वास खो चुके नेतृत्व पर पुनर्विचार करना चाहिए। साथ ही देश में अराजकता फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने से बचना चाहिए।
असंवैधानिक गतिविधियां बंद नहीं कीं तो खो देगी बचा जनाधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की जनता लोकतांत्रिक दृष्टि से जागरूक है। वह लंबे समय तक अराजकता बर्दाश्त नहीं करेगी। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने अपने कथित असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक कृत्य बंद नहीं किए तो उन्हें अपना बचा-खुचा जनाधार भी गंवाना पड़ सकता है।
उन्होंने कांग्रेस को युवाओं और आम जनता को गुमराह करने से बचने की नसीहत देते हुए कहा कि विपक्ष को लोकतांत्रिक व्यवस्था में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। राजनीतिक दलों को मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए और स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इसे देश के लोकतंत्र और जनता के हित में आवश्यक बताया।
