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महिला मंडल की ओर से भजन-कीर्तन, सामूहिक आरती और फलाहार का आयोजन; मनोज मिश्र ‘मिहिर’ की प्रस्तुति रही आकर्षण का केंद्र
चाय पंचायत, गोरखपुर। भोजपुरी भाषा, भारतीय संस्कृति और लोकपरंपराओं के संरक्षण के संदेश के साथ गोरखपुरिया भोजपुरिया परिवार के महिला मंडल की ओर से मंगलवार को विजय चौक स्थित ब्लैक हॉर्स होटल में माता की चौकी और फलाहार कार्यक्रम आयोजित किया गया। दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक चले समारोह में संगठन से जुड़े सदस्य सपरिवार शामिल हुए। माता रानी के भजन-कीर्तन, देवी गीत और सामूहिक आरती से वातावरण भक्तिमय हो गया। आयोजन में भोजपुरी भाषा के सम्मान, पारिवारिक एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
रूपल त्रिपाठी और रीता मिश्रा ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी
गोरखपुरिया भोजपुरिया के संस्थापक विकास श्रीवास्तव और सह-संस्थापक नरेंद्र मिश्र की पहल से स्थापित संगठन भोजपुरी भाषा, साहित्य, लोककला और संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ भोजपुरीभाषी परिवारों को एक मंच पर जोड़ने का प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में महिला मंडल की ओर से माता की चौकी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की तैयारी और समन्वय में रूपल त्रिपाठी और रीता मिश्रा की प्रमुख भूमिका रही। स्वागत समिति में अनुपमा मिश्रा, शिल्पी श्रीवास्तव, नीता मिश्रा, ऋतु श्रीवास्तव और गरिमा मल्ल ने सहयोग किया। विनीता पांडेय और मांडवी तिवारी की भी आयोजन में सहभागिता रही। महिला मंडल के सदस्यों के सामूहिक प्रयास से कार्यक्रम व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।

मनोज मिश्र ‘मिहिर’ की प्रस्तुति ने बांधा समां
सांस्कृतिक कार्यक्रम में मनोज मिश्र ‘मिहिर’ की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। भजन-कीर्तन और देवी गीतों के माध्यम से श्रद्धालुओं ने माता की आराधना की। इसके बाद सामूहिक आरती हुई और उपस्थित सदस्यों व उनके परिवारों के लिए फलाहार की व्यवस्था की गई। इस दौरान सदस्यों के बीच मेल-मिलाप और आपसी संवाद का माहौल बना रहा।
पदाधिकारियों और सदस्यों ने किया सहयोग
गोरखपुरिया भोजपुरिया के अध्यक्ष शिव कुमार मल्ल और सचिव अधिवक्ता बृजेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में संगठन की कोर कमेटी और कार्यकारिणी के सदस्यों ने सहयोग किया। कोर कमेटी के राकेश मिश्रा, डॉ. ए. के. पांडेय, रवि प्रकाश मिश्रा, नवीन श्रीवास्तव, विजय श्रीवास्तव, प्रदीप त्रिपाठी और देवेन्द्र प्रताप चंद की सहभागिता रही।
कार्यकारिणी के सदस्यों डॉ. टी. एम. त्रिपाठी, राजेश पांडेय, नागेश्वर ओझा, अशोक चंद्रा, जितेंद्र देव उपाध्याय, अभिषेक त्रिपाठी, मलय मिश्र, शिशिर मुकुल, सागर श्रीवास्तव, राजू वर्मा, आशुतोष मिश्र, डॉ. पी. ए. एन. भट्ट, प्रेम पराया और विष्णु प्रताप ने भी सहयोग किया।
इसके अलावा रामप्रताप विश्वकर्मा, मुकेश गुप्ता, नरेंद्र कुमार, अमिय शुक्ल, कुमार विवेक, अश्वनी दुबे, ज्योतिर्विद प्रभात त्रिपाठी, राजकुमार, राजेश कुमार शुक्ल, शैवाल शंकर श्रीवास्तव, विशाल श्रीवास्तव, प्रशांत मिश्रा, संजय चौधरी, अरविंद वर्मा और सुनील त्रिपाठी सहित संगठन से जुड़े अन्य सदस्यों की भी सहभागिता रही।
नई पीढ़ी तक भोजपुरी विरासत पहुंचाने पर जोर
माता की चौकी के माध्यम से भोजपुरी भाषा और भारतीय संस्कृति के गहरे संबंध को रेखांकित किया गया। भोजपुरी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि पूर्वांचल के लोकजीवन, रीति-रिवाज, पारिवारिक संबंधों और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण आधार है। देवी गीत, संस्कार गीत, लोककथाएं और पारंपरिक पर्व-त्योहार इस विरासत को समृद्ध बनाते हैं।
आयोजन में मातृभाषा के सम्मान, परिवारों के बीच आपसी सहयोग और सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने की भावना प्रमुख रही। भोजपुरी साहित्य और लोकगीतों से नई पीढ़ी को परिचित कराने तथा सांस्कृतिक गतिविधियों में परिवारों की भागीदारी बढ़ाने का संदेश भी सामने आया।
कार्यक्रम के समापन पर अध्यक्ष शिव कुमार मल्ल और सचिव अधिवक्ता बृजेन्द्र कुमार सिंह ने महिला मंडल, स्वागत समिति, कोर कमेटी, कार्यकारिणी के सदस्यों, सहयोगियों और उपस्थित परिवारों के प्रति आभार जताया। माता भगवती से सभी परिवारों के सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और मंगलमय भविष्य की कामना की गई।
