शिक्षक एमएलसी चुनाव कल, गोरखपुर में स्कूल बंद; 17 जिलों के 54,303 मतदाता करेंगे मतदान

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गोरखपुर में 18 पोलिंग पार्टियां रवाना, सेक्टर-जोनल मजिस्ट्रेट के लिए 56 वाहन आरक्षित; मतगणना स्थल के आठ किलोमीटर के दायरे में शराब की दुकानें रहेंगी बंद

गोरखपुर। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के लिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर को मतदान होगा। इसके मद्देनजर गोरखपुर जिले में नर्सरी से कक्षा 12 तक के सभी परिषदीय, माध्यमिक, मान्यता प्राप्त और सहायता प्राप्त विद्यालयों में विशेष अवकाश घोषित किया गया है। इसमें सीबीएसई, आईसीएसई समेत अन्य बोर्डों से संचालित विद्यालय भी शामिल हैं। चुनाव में 17 जिलों के 54,303 शिक्षक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। गोरखपुर में मतदान कराने के लिए गुरुवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय परिसर से 18 पोलिंग पार्टियों को रवाना किया गया। वहीं, मतदान और मतगणना के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मतगणना स्थल के आठ किलोमीटर की परिधि में आने वाली आबकारी की संबंधित दुकानों और बार को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।

सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी दीपक मीणा की निगरानी में पोलिंग पार्टियों को मतपत्र, मतपेटिका (बैलेट बॉक्स) और अन्य आवश्यक निर्वाचन सामग्री उपलब्ध कराई गई। मतदान शुक्रवार सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक होगा। मतदान कर्मियों को निर्धारित समय पर मतदान शुरू कराने, मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

गोरखपुर में रवाना की गईं 18 पोलिंग पार्टियां अपने निर्धारित मतदान केंद्रों पर पहुंचकर जिम्मेदारी संभालेंगी। मतदान शुरू होने से पहले पीठासीन अधिकारी और अन्य मतदान कर्मी निर्वाचन सामग्री का मिलान करेंगे। मतदाता सूची, आवश्यक प्रपत्र, मतपत्रों का लेखा-जोखा रखने वाले दस्तावेज, सील, टैग, लिफाफे और अन्य जरूरी सामग्री का इस्तेमाल निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा।

शिक्षक एमएलसी चुनाव में ईवीएम के बजाय मतपत्र और मतपेटिका के माध्यम से मतदान कराया जाता है। मतदान शुरू होने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतपेटिका की जांच समेत आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। मतदान के दौरान मतदाता की पहचान, मतपत्र जारी करने, मतपत्रों का हिसाब रखने और मतदान की गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मतदान समाप्त होने के बाद मतपत्रों और निर्वाचन संबंधी अभिलेखों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित किया जाएगा।

सेक्टर-जोनल मजिस्ट्रेट के लिए 56 वाहन आरक्षित

मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाओं की निगरानी और अधिकारियों की आवाजाही के लिए विश्वविद्यालय परिसर में सेक्टर मजिस्ट्रेट तथा जोनल मजिस्ट्रेट के लिए 56 वाहन आरक्षित रखे गए हैं। इन अधिकारियों को मतदान केंद्रों का निरीक्षण करने, व्यवस्थाओं पर नजर रखने और किसी समस्या की स्थिति में संबंधित अधिकारियों से समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर आरक्षित वाहनों से अधिकारी संबंधित मतदान केंद्रों तक पहुंच सकेंगे।

पोलिंग पार्टियों की रवानगी और निर्वाचन सामग्री के वितरण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार, उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जय प्रकाश, एसीएम प्रथम पवन कुमार जायसवाल, एसडीएम सहजनवां नमन मेहता, डीडीसी दशरथ कुमार, एसओसी धर्मेंद्र मिश्र, चकबंदी अधिकारी सुनील सिंह और देवकांत पांडेय, एसडीएम बांसगांव मलखान सिंह, अपर एसडीएम बांसगांव प्रेम नारायण प्रजापति तथा सहायक बचत निदेशक बृजेश यादव समेत अन्य अधिकारी व्यवस्थाओं की निगरानी में जुटे रहे। यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव भी सक्रिय रहे।

आठ किलोमीटर के दायरे में शराब की दुकानें बंद

निर्वाचन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए जिला मजिस्ट्रेट दीपक मीणा ने मतगणना स्थल के आठ किलोमीटर की परिधि में आने वाली आबकारी की संबंधित दुकानों और बार को बंद रखने का आदेश दिया है। गोरखपुर में मतदान 23 अक्टूबर को और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। मतगणना स्थल दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर के निकट वाणिज्य भवन में निर्धारित है।

आदेश के तहत मतदान दिवस पर मतदान समाप्ति तक और 27 अक्टूबर को मतगणना समाप्त होने तक संबंधित क्षेत्र में शराब की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी। इस दौरान देशी शराब, विदेशी मदिरा, बीयर की दुकानों, कंपोजिट शॉप, मॉडल शॉप, ताड़ी और भांग की दुकानों के साथ क्लब बार, रेस्टोरेंट बार, होटल बार तथा एफएल-9, एफएल-9ए, एफएल-16 और एफएल-17 श्रेणी के अनुज्ञापनों को बंद रखना अनिवार्य होगा।

जिला मजिस्ट्रेट ने यह आदेश लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135ग के खंड-1 के तहत लोक शांति बनाए रखने और निर्वाचन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जारी किया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बंदी की अवधि के लिए अनुज्ञापन धारकों को किसी प्रकार का प्रतिफल या मुआवजा देय नहीं होगा।

शांतिपूर्ण मतदान कराने पर प्रशासन का जोर

निर्वाचन प्रशासन ने मतदान केंद्रों पर सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदान केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ रोकने, मतदान की गोपनीयता बनाए रखने और किसी भी अव्यवस्था की स्थिति में समय से कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है। विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में निर्वाचन कार्य में लगे वाहनों की आवाजाही सुचारू रखने की व्यवस्था भी की गई है।

प्रशासन की प्राथमिकता शिक्षक मतदाताओं को निर्भय होकर मताधिकार का प्रयोग करने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना और पूरी निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित तथा निर्धारित नियमों के अनुरूप संपन्न कराना है।

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