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• सांसद की तहरीर पर आठ नामजद और 40-50 अज्ञात पर दर्ज हुआ बलवा, मारपीट और अनुसूचित जाति के उत्पीड़न का मुकदमा
• पैनेशिया अस्पताल का संचालन करने को लेकर चल रहा है विवाद
• अस्पताल के सामने झड़प होने के बाद दोनों पक्ष ने दी थी तहरीर
गोरखपुर। पैनेशिया हॉस्पिटल को लेकर 22 जून को हुए विवाद में भाजपा सांसद कमलेश पासवान और निदेशक मंडल के सदस्य डा. प्रमोद सिंह सहित छह नामजद और 40-50 अज्ञात पर डकैती सहित कई संगीन धाराओं में कैंट पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। जबकि सांसद की तहरीर पर आठ नामजद सहित 40-50 अज्ञात पर बलवा, मारपीट और अनुसूचित जाति के उत्पीड़न की धाराओं में मुकदमा लिखा गया है। डा. प्रमोद ने भी इस मामले में अलग से तहरीर दी थी। पुलिस का कहना है कि डा. प्रमोद की तहरीर पर अलग से मुकदमा दर्ज करने की बजाय सांसद की तरफ दर्ज किए गए मुकदमे में उनकी शिकायत भी शामिल कर ली गई है।
सांसद और डॉक्टर पर डकैती का मुकदमा
पैनेशिया अस्पताल के निदेशक मंडल के संस्थापक सदस्य विजय कुमार पांडेय ने सांसद और अन्य के खिलाफ तहरीर में कहा है कि वह निदेशक मंडल के अन्य सदस्यों के साथ सोमवार को दिन में साढ़े बारह बजे के आसपास वह पैनेशिया अस्पताल गए थे। डा. प्रमोद पहले से अस्पताल से मौजूद थे। अस्पताल के संचालन को लेकर उनसे बातचीत चल रही थी। तभी 40-50 लोगों के साथ सांसद कमलेश पासवान आ गए। आरोप है कि बातचीत के दौरान ही डा. प्रमोद, सांसद और उनके साथ के लोगों ने उन पर तथा निदेशक मंडल के अन्य सदस्यों पर हमला कर दिया। मारपीट के दौरान भाजपा सांसद और डा. प्रमोद तथा उनके साथ के लोगों ने उनकी सोने की चेन और पांच हजार रुपए नकद छीन लिए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने सांसद और डाक्टर प्रमोद के अलावा मनीष सिंह, प्रणव वशिष्ठ, राजीव रंजन तथा नीरज वैश्य व 40-50 अज्ञात के खिलाफ डकैती, अपराधिक बल प्रयोग, बलवा, मारपीट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा किया है।
सांसद ने जाति सूचक अपशब्द कहने की दी तहरीर
उधर सांसद कमलेश पासवान ने तहरीर दी। कहा गया कि पैनेशिया अस्पताल का संचालन डा. प्रमोद सिंह करते हैं। अस्पताल का 60 प्रतिशत से अधिक के वह हिस्सेदार हैं। अस्पताल की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही थी। इसे सुधारने के लिए डा. प्रमोद ने सभी नियमों का पालन करते हुए उन्हें निदेशक मंडल में शामिल कर लिया। अस्पताल के प्रबंधन और संचालन के संबंध में डा. प्रमोद से बातचीत करने के लिए सोमवार को दिन में साढ़े बारह बजे के आसपास वह पैनेशिया गए थे। आरोप है कि इसी बीच निदेशक मंडल के संस्थापक सदस्य विजय कुमार पांडेय कुछ लोगों के साथ आए और डा. प्रमोद से विवाद करने लगे। उन्होंने बीच-बचाव किया। आरोप है कि इस दौरान विजय कुमार पांडेय और उनके साथ के लोगों ने उन्हें जाति सूचक गाली दी। अस्पताल के कर्मचारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। सांसद की तहरीर पर पुलिस ने विजय पांडेय के अलावा गोपाल मद्धेशिया, आनंद सिंह, अशोक मद्धेशिया, रवि प्रकाश श्रीवास्तव, गोविंद प्रसाद और अमृश राय तथा 40-50 अज्ञात के विरुद्ध बलवा, मारपीट, धमकी देने और एससीएसटी एक्ट की दो धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ।
सोमवार को हुआ था विवाद,
छात्रसंघ चौराहे पर स्थित पैनेशिया अस्पातल के संचालन और प्रबंधन को लेकर काफी दिन से विवाद चल रहा है। 22 जून को दिन में अस्पताल पर मालिकाना हक के दावेदार एक साथ पैनेशिया अस्पताल पहुंच गए। दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। पुलिस ने दोनों पक्षों से आठ लोगों को हिरासत में भी लिया था। उनको सीआरपीसी की धारा 107/ 116 में पाबंद करने के बाद थाने से से ही छोड़ दिया गया।
सांसद ने लगाई गुहार तो दर्ज हुआ मुकदमा
बुधवार को कमलेश पासवान ने मुकदमा ना दर्ज किए जाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि जाति सूचक गाली दी गई। उनके आरोप के 24 घन्टे के भीतर कार्यवाही हुई। सांसद और उनकी तरफ के लोगों के खिलाफ पुलिस ने डकैती का मुकदमा दर्ज कर लिया। इसकी भी खूब चर्चा है।
दोनों पक्षों ने तहरीर दिया था। उसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच में गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही होगी।
डा. कौस्तुभ, एसपी सिटी
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