आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती पर गुरु गोरक्षनाथ ब्लड बैंक में आयोजित हुआ कैंप

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गोरखपुर। गुरु श्री गोरक्षनाथ रक्तकोष में आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती के पर एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। महर्षि दयानंद सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

हिंदू धर्म व्याप्त कुरीतियों का जमकर किया विरोध
ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. अवधेश अग्रवाल ने स्वामी जी के बारे में बताया कि स्वामी दयानंद सरस्वती आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती एक महान देशभक्त, समाज-सुधारक और चिंतक थे। उन्होंने हिन्दू धर्म में व्याप्त कुरीतियों का खुलकर विरोध किया और महिलाओं को उनका उचित अधिकार दिलाने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी. साथ ही देश की आज़ादी के लिए भी उन्होंने उल्लेखनीय योगदान दिया।

ईश्वर पूर्ण रूप से पवित्र और बुद्धिमान हैं

डॉ. अग्रवाल ने स्वामी जी के कुछ प्रमुख संदेशों को के बारे में बताया जैसे उन्होंने कहा कि मुझे सत्य का पालन करना पसंद है बल्कि, मैंने औरों को उनके अपने भले के लिए सत्य से प्रेम करने और मिथ्या को त्यागने के लिए राजी करने को अपना कर्त्तव्य बना लिया है। अतः अधर्म का अंत मेरे जीवन का उदेश्य है। ये स्वामी जी के संदेश थे। चिकित्सालय के निदेशक मेजर जनरल डॉ. अतुल बाजपेई ने भी महर्षि दयानंद सरस्वती की दी गई शिक्षाओं के बारे में बताया। उन्होंने स्वामी के कुछ संदेशों के बारे में कहा कि ईश्वर पूर्ण रूप से पवित्र और बुद्धिमान हैं।

एक रक्तदान से बचती 20 लोगों की जान
इस मौके पर ब्लड बैंक अधिकारी डॉक्टर ममता जायसवाल भी उपस्थित रहीं। उन्होंने रक्तदाताओं को रक्तदान से संबंधित आवश्यक जानकारियां देते हुए इसके लाभ भी बताए। ममता ने कहा कि हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक, कैंसर के रोगों से भी बचा जा सकता है, उन्होंने आगे बताया कि एक व्यक्ति के रक्तदान से चार लोगों के प्राणों की रक्षा की जा सकती है। वैश्विक महामारी कोरोना को दृष्टिगत रखते हुए आवश्यक सावधानियों का नियमानुसार अनुपालन किया गया। ब्लड डोनेशन कैंप में राजन, मृत्युंजय, राम सागर सहित कुल 20 लोगों ने रक्तदान किया। सभी को चाबी रिंग और सम्मान प्रदान देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में चिकित्सालय के अपर निदेशक डॉ. कामेश्वर सिंह ने आभार जताया।

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