कैंट पुलिस ने पकड़े 21 अंतरराष्ट्रीय टप्पेबाज, गोरखपुर के होली जुलूस में करने वाले थे कई वारदात

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गोरखपुर। लग्जरी गाड़ियों से टूरिस्ट बनकर भीड़भाड़ वाली जगहों पर लोगों की चेन, पर्स और मोबाइल उड़ाने वाले गैंग 21 सदस्यों को एक साथ कैंट पुलिस ने गिरफ्तार किया। उनके पास से सोने की 17 चेन, 19 महंगी कीमत के मोबाइल फोन, तमंचा, कारतूस और ₹31000 नगद मिले हैं। नेपाल और बिहार के रहने वाले सभी बदमाश गोरखपुर में होली के जुलूस घुसकर वारदातों को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे।

एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ और सीओ कैंट सुमित शुक्ला टप्पेबाजों की गिरफ्तारी का खुलासा किया। बताया कि कैंट के थाना प्रभारी रवि राय को मुखबिर से सूचना मिली कि टप्पेबाजों का गिरोह मथुरा के बरसाना में टप्पेबाजी करके गोरखपुर आ रहा है। गोरखपुर में होली के दिन निकलने वाले शोभायात्रा में शामिल होकर बदमाश घटनाओं को अंजाम देंगे।
रविवार की सुबह तकरीबन 5.30 बजे मोहद्दीपुर आरकेबीके पुलिया के पास पहुंच कर घेराबंदी कर दी। इस दौरान तीन इनोवा कार आती दिखाई दी। पुलिस टीम ने उनको रुकने का इशारा किया तो कार में सवार बदमाशों ने उन पर फायर झोंक दिया।

नेपाल और बिहार निवासी हैं टप्पेबाज
गिरफ्तार टप्पेबाज बिहार प्रांत और नेपाल के रहने वाले है। उनकी पहचान बिहार प्रांत के बेतिया जिले के गौनहा क्षेत्र के पिपरा गांव निवासी मुन्ना राय,किशार राउत, पिंटू राउत, सुभाष रावत, सुनील राय, दिनेश कुमार राय, मनोज रावत, सुनेश रावत, पंश्चिम चम्पारण जिले के मौनहा क्षेत्र के पिपरा गांव निवासी उमेश राउत, उमेश राउत, सिकरा क्षेत्र के पोखरिया निवासी रूप नारायण राय, मोतिहारी जिले के पलनवा क्षेत्र के गवरिया गांव निवासी अंटू राय, नीरज राय, नेपाल के परसा जिले के पोखरिया क्षेत्र के दीपक राय, बैठवा निवासी जय प्रकाश राय, पकहा ममैनपुर निवासी अमरेश राय, प्रविन्द्र कुमार गुप्ता, बीरगंज निवासी आनन्द कुमार गुप्ता, माधौवपुर निवासी ध्रुपनाथ राय, सप्तारी जिले के भरदा निवासी भूपदेव माली के अलावा स्थानीय स्तर पर उनकी मदद करने वाला शाहपुर क्षेत्र के मैत्रीपुरम बिछिया निवासी सोनू उर्फ कमलेश पाण्डेय शामिल है।

गिरोह का सरगना है उमेश राउत
इस गिरोह का सरगना बिहार, पश्चिम चम्पारण जिले के मौनहा क्षेत्र के पिपरा निवासी उमेश राउत है। गोरखपुर में उनके ठहरने और आने-जाने का साधन उपलब्ध कराने का काम शाहपुर, बिछिया निवासी सोनू उर्फ कमलेश पाण्डेय करता था। सोनू इससे पहले भी 5-6 बार जेल जा चुका है। इसके अलावा गिरोह के सदस्य वाराणसी से भी एक साल पहले जेल जा चुके है। गिरोह के सदस्य 29 फरवरी को गोरखपुर पहुंचे थे। वह तीन इनोवा कार 40-40 हजार रुपये बुक कर मथुरा चले गए। वह वृंदावन और बरसाने के मेला में शामिल होकर दर्जनभर लोगों से टप्पेबाजी की वारदात को अंजाम दिया। उनके पास से मिली 17 चेन वहीं से चोरी की गई थी।

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