गगहा मर्डर कांड: सन्नी सिंह और युवराज ने क्यों मारी थी रितेश, शंभू और संजय को गोली- पढ़िए पूरी कहानी

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गोरखपुर। गगहा के रितेश मौर्य, दुकानदार शंभू मौर्य और संजय पांडेय की हत्या का शनिवार को पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। पुलिस के अनुसार तीनों हत्याओं की कड़ी एक दूसरे से जुड़ी हुई है। कुख्यात बदमाश सन्नी सिंह उर्फ मृगेंद्र और युवराज सिंह उर्फ राज ने ही तीनों को गोली मारी थी। इसके लिए नौ लोगों ने हत्या की योजना बनाई। घटना को अंजाम देने की योजना में शामिल छह लोगों को गिफ्तार किया गया है। वारदात में शामिल एक आरोपित पहले जेल जा चुका है। मुख्य आरोपित सन्नी सिंह और युवराज के खिलाफ पुलिस ने 25—25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया।

तिहरे हत्याकांड में समझौते की बात पर बढ़ी रंजिश
शनिवार की शाम पुलिस लाइंस में एसएसपी दिनेश कुमार पी ने खुलासे की जानकारी दी। बताया कि छह मार्च 2013 को गगहा में तिहरा हत्याकांड हुआ था। पांच रुपए के विवाद में दुर्वाशा, दुर्वासा की पत्नी और उनके बेटे बाबूलाल की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपित अजय सिंह, सिंहासन यादव, टिक्का सिंह और सन्नी सिंह को जेल भेजा था। प्रशासनिक कारणों से दोनों को गोरखपुर से मेरठ जेल शिफ्ट कर दिया गया था। लगभग चार साल पहले जेल में रहने के दौरान ही अमित और हैप्पी के जरिए सन्नी ने इलेक्ट्रानिक दुकानदार शंभू मौर्य से पांच लाख की रंगदारी मांगी थी। लेकिन तब शंभू ने विरोध किया और पुलिस को तहरीर देकर केस दर्ज करा दिया था।

रंगदारी से मना करने पर खार खाया था सन्नी
तभी से सन्नी, शंभू से खार खाए हुए था। इधर जून 2020 को सन्नी सिंह जमानत पर छूट गया। जेल से छूटने के बाद वह तिहरे हत्याकांड के मुकदमे में समझौता करना चाहता था। इसलिए वह मुकदमे के वादी कन्हैया पर सुलह का दबाव बनाने लगा। एक बार डर की वजह से कन्हैया तो तैयार भी हो गया था, लेकिन रितेश ने उसका साथ दे दिया। रितेश मुकदमे के वादी के साथ अधिकारियों के यहां पैरवी करने लगा। इस बीच रितेश ने चुनाव की तैयारी शुरू कर दी। सन्नी सिंह को लगा कि यदि रितेश जिला पंचायत सदस्य बन गया तो उसकी समस्या बढ़ जाएगी। इसलिए उसने गगहा के हटवा निवासी वेदप्रकाश सिंह के पोल्ट्रीफार्म पर हत्या की योजना बनाई। उसके साथ हटवा का प्रिंस चंद, वेदप्रकाश, हटवा के अमित सिंह, अभिषेक सिंह उर्फ हैप्पी सिंह, खोराबार के डांगीपार निवासी राजू चौधरी, गगहा मेहदियां के विशाल सिंह उर्फ कल्लू तथा गगहा मंझरिया के आकाश यादव भी थे।

योजना बनाकर की हत्याएं, बढ़ती जा रही थी टशन
प्लान के अनुसार सन्नी और युवराज ने तीनों हत्याओं को अंजाम दिया। हत्या के बाद राजू चौधरी के स्कार्पियो से सन्नी और युवराज भाग गए। स्कार्पियों में राजू के साथ आकाश भी मौजूद था। पुलिस के अनुसार 10 मार्च 2021 को हुए रितेश की हत्या में प्रयुक्त बाइक कल्लू की थी। 30 मार्च 2021 को शंभू और संजय की हत्या में वेदप्रकाश की बाइक का इस्तेमाल हुआ था। एसएसपी ने बताया कि शंभू से सन्नी की रंगदारी को लेकर दुश्मनी पहले से ही थी। रितेश की मौत के बाद वह उसका करीबी भी था। तथा हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए कैंडल मार्च की अगुवाई करके फेसबुक पर भी गिरफ्तारी की मांग की थी। दबाव बढ़ने पर उसने पोस्ट ​हटा दिया। लेकिन टशन बढ़ती गई।

पहचानने की वजह से संजय की ली जान
30 मार्च को जब सन्नी सिंह और युवराज ने जब शंभू मौर्या को गोली मारी तो उनको कर्मचारी संजय पांडेय ने पहचान लिया। इसलिए उसे भी दौड़ाकर गोली मार दी। पुलिस ने प्रिंस चंद को 26 मार्च को रंगदारी के मामले में गिफ्तार कर जेल भेज दिया था। वेदप्रकाश सिंह, अमित सिंह, अभिषेक सिंह, राजू चौधरी, विशाल सिंह उर्फ कल्लू, आकाश यदव को गिरफ्तार कर एक पिस्टल, दो तमंचा, एक स्कार्पियो, दो बाइक और कारतूस बरामद कर लिया।

कन्हैया को मिली सुरक्षा, होगी गुंडा— गैंगेस्टर की कार्रवाई
एसएसपी ने बताया कि 2013 के ट्रिपल मर्डर के मुकदमे के वादी कन्हैया, गवाहों, पैरवी करने वालों और इन तीनों हत्याओं से जुड़े परिजनों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके अलावा गैंग के सभी सदस्यों पर गैंगेस्टर की भी कार्रवाई की जाएगी। गैंग के सदस्यों, शरणदाताओं और असलहा मुहैया कराने वालों की जानकारी जुटाई जा रही है। सभी के खिलाफ पुलिस शिकंजा कसेगी। पुलिस का मानना है कि गगहा एरिया में इस गैंग के सदस्य दुकानदारों से रंगदारी वसूलते थे। अमित और हैप्पी किससे रंगदारी मांगनी है। उससे कैसे बात करना है। इसके लिए सन्नी से बात कराते थे। तीनों हत्याओं के लिए इन्हीं लोगों ने रेकी की थी। पुलिस के मूवमेंट की जानकारी भी बदमाशों को देते थे।

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