हद है! आगे बैठे रहे सिपाही, पीछे से कूदकर भाग गया मुल्जिम

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गोरखपुर। गोरखनाथ थाना क्षेत्र में रविवार की भोर में गिरफ्तार वाहन चोरी का आरोपी दो सिपाहियों के सामने टेंपो से कूदकर भाग गया। गीता वाटिका के पास जेल जाने के लिए टेंपो मुड़ा। तभी हथकड़ी सरकाकर अभियुक्त कूद गया। सिपाहियों ने उसे दौड़ाया लेकिन पकड़ नहीं पाए। उसके साथ पकड़े गए चार अन्य साथियों को पुलिस ने अस्थाई जेल में दाखिल कराया। अस्थाई जेल जाने के बजाय गलती से दोनों सिपाही मुल्जिमों को लेकर बड़ी जेल चले गए थे। गोरखनाथ थाना के इंस्पेक्टर चंद्रभान सिंह ने बताया है कि एक अभियुक्त के भागने की सूचना​ मिली है। उसकी तलाश कराई जा रही है।

सुबह- सुबह चेकिंग में पुलिस को मिली कामयाबी
शहर में वाहन चोरी की घटनाओं की रोकथाम का निर्देश एसएसपी ने दिया है। रविवार की भोर में पांच वाहन चोरों के बारे में पुलिस को जानकारी मिली। क्राइम ब्रांच की टीम और गोरखनाथ थाना की पुलिस रसूलपुर के पास मोड़ पर पहुंची। चोरी की दो बाइक बेचने निकले पांच साथियों को दबोच लिया। पूछताछ में पता लगा कि वह पांचों गोरखनाथ थाना क्षेत्र के रसूलपुर कामरेड नगर कॉलोनी निवासी नौसाद उर्फ गोलू, शहीद अब्दुलानगर मोहल्ले का नसीम और वसीम कुरैशी, रसूलपुर अमरूतानी बाग निवासी नईम और मिर्जापुर पचपेड़वा मोहल्ले के सागर भारती हैं। पांचों विभिन्न जगहों से बाइक चुराकर बेच देते हैं।

सिपाही आगे, पीछे बैठे थे 5 मुल्जिम
थाने पर लिखापढ़ी के बाद पुलिस ने उनको जिला अस्पताल ले गई। मेडिकल परीक्षण कराकर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने सभी को जेल भेजने का आदेश दिया। पुलिस ने एक टेंपो बेगारी में पकड़ लिया था जिसे मेडिकल कॉलेज निवासी ऋषि चला रहा था। मुल्जिमों को कोर्ट लेकर गए दोनों सिपाही आगे बैठ गए। पांचों को पीछे वाली सीट पर बैठा दिया। उनके साथ एक होमगार्ड भी था। लेकिन जेल जाते समय वह धर्मशाला के पास उतर गया। सिपाही आगे बैठकर ही पीछे सवार अभियुक्तों की निगरानी करते रहे। गीता वाटिका रोड से टेंपो जेल की ओर मुड़ा तभी तेजी से कूदकर सागर भागने लगा। सिपाहियों को जानकारी हुई तो वह भी उसके पीछे—पीछे दौड़े। लेकिन वह हाथ नहीं लगा। लॉक डाउन के सन्नाटे में वह कहीं खो गया। सिपाहियों ने इसकी सूचना इंस्पेक्टर को दी। इसके बाद से ही सागर की तलाश शुरू कर दी गई।

अस्थाई के बजाय पहुंचे बड़ी जेल
पांच मुल्जिमों को जिनको क्राइम ब्रांच की टीम के साथ मिलकर पकड़ा गया था। उनको जेल ले जाने में पुलिस ने कई चूक की। पहले तो उनको एक साथ टेंपो में लेकर नहीं जाना चाहिए था। यदि ले भी गए तो दूसरा टेंपो भी बेगारी के लिए पकड़ लेते। एक टेंपो में दो सिपाहियों सहित नौ लोग सवार हुए। सोशल डिस्टेसिंग की बात को नजरअंदाज कर दें तो भी सिपाहियों ने दूसरी गलती की। तत्काल पकड़े गए किसी भी अभियुक्त को मंडलीय जेल में नहीं रखा जा रहा है। उनके लिए डेयरी कॉलोनी के सामु​दायिक भवन में अस्थाई जेल बनी है। सिपाहियों को पता नहीं था कि पहले कहां जाना है। इसलिए शायद वह मुल्जिमों को लेकर वहां पहुंचे। सागर भारती के भागने के बाद चार अन्य को अस्थाई जेल में दाखिल कराया गया। यहां आने वाले मुल्जिम 14 दिन निरुद्ध् रहते हैं। उनकी कोरोना जांच कराने के बाद बड़ी जेल में भेजा जाता है।

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