अपहरण से हर बार कांपा गोरखपुर, चुनौती बनते रहे बदमाश

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•आशुतोष मिश्रा

गोरखपुर। पिपराइच एरिया के मिश्रौलिया में रहने वाले महाजन की छह संतानों, उनकी पांच बेटियों के बीच चौथे नंबर के इकलौते बेटे बलराम के अपहरण और मर्डर की घटना से पूरे जिले केा झकझोर कर रख दिया है। गांव पर छोटी सी किराना की दुकान चलाने वाले महाजन प्रापर्टी की खरीद करने वालों की मदद करते थे। उनके इस धंधे में परिचित और गांव के रहने वाले युवकों ने रविवार को बलराम का अपहरण करके एक करोड़ की रुपए की फिरौती मांगी। बलराम से उनकी जान पहचान थी। इसलिए बदमाशों ने उसे किराए के कमरे में जहर देकर मार डाला। फिर उसका शव बोरे में भरकर स्कूटी पर लादा और जंगल तिनकोनिया के पास नाले में फेंक आए। सोमवार की दोपहर तीन बजे बलराम का शव पुलिस ने बरामद करके पांच लोगों को गिरफ्तार किया। घटना में शामिल दो बदमाशों की तलाश जारी है। बालक के मर्डर के बाद हलका दारोगा और दो सिपाहियों को एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता ने निलंबित कर दिया। पोस्टमार्टम के ​बाद मंगलवार की सुबह परिजनों ने बलराम का दाह संस्कार कराया। बलराम के साथ हुई घटना जिले की पहले की घटना नहीं है. इसके पहले भी अपहरण और फिरौती के कई मामले सामने आ चुके हैं। पढ़िए चाय पंचायत की स्पेशल स्टोरी

90 के दशक में चलता था अपहरण उद्योग
बात वर्ष 1990 के दशक की है। तब जिले में अपहरण का उद्योग चलने लगा था। आए दिन अपराधियों के गैंग लोगों का अपहरण करके फिरौती वसूलते थे। डॉक्टर और बिजनेसमैन उनके निशाने पर थे। बिहार के टी मंडल और केके सिंह अपहरण की कांड बात करें या फिर बिजनेसमैन जुगुल किशोर जालान और डॉक्टर आनंद अग्रवाल के अपहरण की घटना हो। या फिर चौरीचौरा से लौट रहे डॉ. केके मिश्रा के अपहरण की घटना, के​के मिश्रा की कार को कुसम्हीं जंगल में रोककर बदमाशों ने अपहरण किया था। आज भी लोगों के दिलोदिमाग पर ये घटनाएं छाई हुई हैं। समय बदला तो धीरे—धीरे अपहरण की वारदातों के तौर तरीके भी बदल गए। पिछले कुछ साल से पास पड़ोस में रहने वाले और परिचित ही बच्चों के अपहरण करके फिरौती वसूलने लगी। बच्चों के साथ—साथ बड़ों के अपहरण की घटनाएं भी पुलिस के लिए चुनौती बनती रहीं।

गोरखपुर में अपहरण, मर्डर की इन घटनाओं से परेशान रही पुलिस

26 जुलाई 2020: पिपराइच के मिश्रौली से कक्षा छह में पढ़ने वाले छात्र का अपहरण, एक करोड़ की फिरौती मांगी, दूसरे दिन नाले में बच्चे की डेड बॉडी मिली।
11 मार्च 2020: कैंट एरिया के हाइवे स्थित एक ​अस्पताल के डॉक्टर की अपहरण की कोशिश हुई। डॉक्टर ने खुद को मरीज बताकर बचा लिया।

27 फरवरी 2020: रामगढ़ताल पथरा से सफाई कर्मचारी का अपहरण करके बदमाशों ने छह लाख रुपए मांगे थे।

14 जनवरी 2020: कैंपियरगंज एरिया में दो किशोरों का अपहरण करके ढाई लाख रुपए की फिरौती मांगने वाले पांच आरोपित पकड़े गए। दोनों ने जंगल बिहुली निवासी करीम और नाजिर का अपहरण करके उनके परिजनों से रुपए मांगे थे। पुलिस की सक्रियता से उनको पकड़ लिया गया।

03 नवंबर 2019: खोराबार जंगल चवरी निवासी दिव्यांग उमेश यादव का अपहरण करके बदमाशों ने गोली मार दी। उनका शव देवरिया जिले में पुलिस बरामद किया।

04 अक्टूबर 2018: सिकरीगंज के बारीगांव निवासी आदर्श का सरेआम अपहरण हुआ था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी। लेकिन पांच दिन बाद बालक की शव धान के खेत में मिला। आदर्श सातवीं कक्षा में पढ़ता था।

18 दिसंबर 2017: गोपालगंज के एक किशोर का अपहरण, उसे उरुवा थाना में बंधक बनाकर रखने और उसके परिजनों से फिरौती मांगने में दारोगा ​अभिजीत कुमार और रघुनंदन त्रिपाठी को पुलिस ने अरेस्ट किया था।

15 दिसंबर 2016: सहजनवां के पिपरौली में एक बच्चे का अपहरण करके 50 हजार रुपए की फिरौती मांगी।

25 मई 2015: बेलीपार एरिया के दक्षिणी कोलिया निवासी दो बच्चों को कार सवारों ने अपहरण कर लिया। रात में करीब नौ बजे एक बच्चे को आरोपित झंगहा एरिया में फेंककर फरार हो गए। बाद में आरोपित पकड़े गए।

ऐसे हुई बलराम के अपहरण और कत्ल की घटना
​• पिपराइच थाना क्षेत्र के मिश्रौली निवासी महाजन का बेटा बलराम पांचवीं पास कर चुका था।
• बलराम पांच बहनों के बीच इकलौता भाई था। सभी बहनों में वह चौथे नंबर की संतान था।
• रविवार की दोपहर 12 बले बलराम खेलने के लिए घर से निकला। उसी समय लापता हो गया।
• बलराम का पूर्व परिचित निखिल उसे घर से बुलाकर ले गया। स्कूटी पर घूमाते हुए भुट्टा खिलाया।
• तीन बजे बलराम के पिता महाजन को अपहरणकर्ताओं ने फोन करके एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी।
• आरो​पी अजय कुमार की किराए की दुकान में ले जाकर बलराम को बंधक बनाकर उसे नशे की गोली दी।
• अपहरणकर्ताओं ने दोबारा शाम पांच बजे बलराम के पिता को ​फोन किया। तब उन्होंने पुलिस को बताया।
• बलराम ने सभी आरोपियों को पहचान लिया था। इसलिए उन लोगों ने बलराम की बेहरमी से कत्ल कर दिया।
• बोरे में लाश भरकर सात बजे के आसपास स्कूटर पर रखकर जंगल तिनकोनिया के पास नाले में फेंक आए।
• अपहरण पर पुलिस सक्रिय हुई। रात में 12 बजे पुलिस ने सिमकार्ड बेचने वाले दुकानदार को उठाया।
• जांच के दौरान दयानंद और उसके साथ घटना में शामिल सभी साथियों के बारे में पुलिस को जानकारी मिली।
पुलिस ने दयानंद, निखिल, रिंकू, नीतेश और अजय गुप्ता को गिरफ्तार किया।
• अभियुक्तों ने पुलिस को बताया कि बलराम के पिता ने जमीन बेची थी। उससे 20 लाख रुपए लेने के लिए बच्चे का अपहरण किया।
• बच्चा उनको पहचान गया था। इसलिए उसे जहर देखकर मार दिया। गला दबाकर लाश को नाले में फेंक आए।
अभियुक्तों ने दूसरे से डेढ़ लाख रुपए का कर्ज लिया था। ज्यादा पैसा कमाने के लिए अपहरण की साजिश रची।


विधायक संग पहुंचे डीएम—एसएसपी, दी गई आर्थिक सहायता
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बलराम के परिजनों को शासन की सहायता मुहैया कराने का निर्देश दिया था। मंगलवार को पिपराइच के विधायक महेंद्रपाल सिंह, डीए के. विज्येंद्र पांडियन और एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता मिश्रौलियां पहुंचे। विधायक ने शासन की तरफ से जारी सहायता राशि का चेक परिजनों को सौंपा। डीएम और एसएसपी ने कहा कि अभियुक्तों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

“घटना में शामिल पांच अभियुक्तों को पकड़ लिया गया है। रुपए के लिए ही उन्होंने बच्चे का अपहरण किया था। सभी बच्चे के पास पड़ोस गांव के थे। बच्चे ने उनको पहचान लिया था। इसलिए उसकी हत्या कर दी गई। घटना में शामिल दो अन्य अभियुक्तों की तलाश की जा रही है।”
डॉ. सुनील गुप्ता, एसएसपी गोरखपुर

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  1. समुचित , सार्थक सफल और सामयिक रिपोर्ट

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