किसी की नसबंदी कराइए 300 रुपए देगी सरकार, परिवार नियोजन कार्यक्रमों में गोरखपुर को मिले सात पुरस्कार

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गोरखपुर। परिवार नियोजन कार्यक्रमों में गोरखपुर को सात राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। इन पुरस्कारों को लेने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत तिवारी की अगुआई में पांच सदस्यीय टीम 4 मार्च को लखनऊ जाएगी। सीएमओ ने इस उपलब्धि के लिए स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम के साथ-साथ पार्टनर संस्था उत्तर प्रदेश टेक्निकल सपोर्ट यूनिट (यूपीटीएसयू) और पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल (पीएसआई) को खासतौर से बधाई दी है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी आरसीएच डॉ. नंद कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष कुल पांच पुरस्कार प्राप्त हुए थे। इस बार वर्ष 2018-19 में 10448 नसबंदी के लिए राज्य स्तर पर जिले को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। हौसला साझेदारी योजना के तहत पुरुष नसबंदी श्रेणी में प्रकाश सर्जिकल के डॉ. एसपी शर्मा और मिनीलैप महिला नसबंदी की श्रेणी में सूर्या क्लिनिक की डॉ. अनामिका गुप्ता ने भी सूबे में दूसरा स्थान हासिल किया है। वर्ष 2019-20 के जुलाई माह में आयोजित विश्व जनसंख्या स्थिरीकरण पखवारे के दौरान महिला नसबंदी में गोरखपुर मंडल को तीसरा स्थान हासिल हुआ है जिसमें गोरखपुर जिले की अहम भूमिका रही है। इसी श्रेणी में पखवारे में जनपद को भी तीसरा स्थान हासिल हुआ है। परिवार नियोजन की अस्थायी विधि पीपीआईयूसीडी और अंतरा इंजेक्शन के प्रयोग के मामले में गोरखपुर को राज्य स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त हुआ है।

जिला अस्पताल गोरखपुर कैम्पस।

सीएमओ की अगुआई में 4 मार्च को पुरस्कार लेने लखनऊ जाएगी टीम

अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि पखवारे के दौरान कुल 1228 महिला नसबंदी, 810 पीपीआईयूसीडी और 2240 अंतरा इंजेक्शन के लाभार्थियों को गोरखपुर जनपद में सेवा दी गई थी। उन्होंने बताया कि लखनऊ में इन सभी उपलब्धियों के लिए पुरस्कार प्राप्त करने के लिए सीएमओ की टीम में वह स्वयं, जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज आनंद और डिस्ट्रिक्ट कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर रिपुंजय पांडेय भी जाएंगे।

सीएमओ गोरखपुर।

ये सुविधाएं भी निःशुल्क
· कंडोम
· साप्ताहिक गोली छाया
· त्रैमासिक इंजेक्शन अंतरा
· आईयूसीडी
· पीपीआईयूसीडी
· ईसीपी
· माला एन

अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि जिले के सभी सीएचसी-पीएचसी पर प्रति माह निर्धारित सेवा दिवस का आयोजन कर परिवार नियोजन की स्थायी विधि नसबंदी की सुविधा निःशुल्क प्रदान की जा रही है। इसके अलावा जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन महिला नसबंदी, जबकि हौसला साझेदारी कार्यक्रम के अन्तर्गत रायगंज रोड स्थित प्रकाश सर्जिकल हास्पिटल और आजाद चौक स्थित जननी सूर्या क्लिनिक में रोजाना पुरुष नसबंदी की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है। जननी सूर्या क्लिनिक में रोजाना मिनी लैप विधि से महिला नसबंदी भी होती है। सीएचसी पिपराईच पर प्रत्येक गुरुवार को मिनी लैप विधि से महिला नसबंदी और पुरुष नसबंदी की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि पुरुष नसबंदी कराने वाले लाभार्थियों को 2000 रुपए, जबकि महिला नसबंदी के लाभार्थियों को 1400 रुपए उनके खाते में भेजे जाते हैं। पुरुष नसबंदी के लिए प्रेरक आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी को 300 रुपए, जबकि महिला नसबंदी के लिए 200 रुपए दिये जाते हैं। पुरुष नसबंदी के लिए प्रेरित करने वाले गैर सरकारी व्यक्ति को भी 300 रुपए खाते में देने का प्रावधान है।

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