गोरखपुर के गंगोत्री देवी महिला महाविद्यालय में स्वास्थ्य परिचर्चा: बोले डॉक्टर – इलाज से बेहतर है बचाव

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गोरखपुर। गंगोत्री देवी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत स्वास्थ्य परिचर्चा में डॉक्टरों ने कहा कि इलाज से बेहतर बचाव है। वरिष्ठ सर्जन डॉ. शशिकांत दीक्षित और मेडिकल कालेज के डॉ. नरेन्द्र देव मौजूद रहे। इस मौके पर लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. शशिकांत दीक्षित ने कहा कि स्वास्थ्य तीन प्रकार के होते है समाजिक, मानसिक और शारीरिक। सामाजिक स्वास्थ्य के तहत बड़ों की सेवा, उनके साथ किया गया व्यवहार, मानसिक स्वास्थ्य में चिंता मुक्त होना तथा शारीरिक स्वास्थ्य के अंतर्गत भौतिक रूप से स्वस्थ्य रहना शामिल है। डॉ. दीक्षित ने अपने हॉस्पिटल की तरफ से गंगोत्री देवी महाविद्यालय को गोद लेने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि छात्राओं, शिक्षिकाओं और कर्मचारियों को मेडिकल सलाह दी जाएगी। डॉ. नरेंद्र देव ने स्वच्छता पर जोर देते हुए कहा कि इलाज से ज्यादा जरूरी बचाव है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रियंका ओझा ने किया।

छोटी आदतों से हम बीमारियों रह सकते दूर
महाविद्यालय के व्यवस्थापक आशुतोष मिश्र ने कहा कि जीवन जीने और स्वस्थ जीवन जीने में बहुत फर्क होता है। हम अपने खान-पान में संतुलन और संयमित दिनचर्या अपनाकर बीमारियों से दूर रह सकते हैं। महिलाएं अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देती, इस वजह से वे कई बीमारियों की चपेट में आ जाती हैं। पौष्टिक भोजन और छोटी-छोटी स्वास्थ्यवर्धक आदतों से हम बीमारियों से दूर रह सकते हैं।

सफलता के स्वस्थ रहना है जरूरी
प्राचार्य डॉ.पूनम शुक्ला ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है।सफलता पाने के लिए स्वस्थ शरीर का होना बहुत ज़रूरी है। कार्यक्रम में डॉ. प्रत्या उपाध्याय, लोरिटा याकूब, डॉ.गौरी पाण्डेय, डॉ. रेनू गौर, डॉ.आराधना श्रीवास्तव, डॉ. सीमा श्रीवास्तव, डॉ. सीमामणी त्रिपाठी, डॉ. अजिता श्रीवास्तव, डॉ. दिव्या शुक्ला, डॉ. दीपान्जली, डॉ. सुषमा, डॉ.सान्तवना, रजनी मिश्रा, आराधना यादव, वन्दना चौधरी, विभा, नीतू यादव, एमएल यादव के साथ-साथ स्कूल ऑफ नर्सिंग गंगोत्री देवी की छात्राएंं भी मौजूद रहीं।

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