गोरखपुर के रामगढ़ झील में ​कीजिए शिकारा से सैर, लीजिए कश्मीर के डल झील जैसा लुत्फ

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गोरखपुर। कश्मीर की डल झील में चलने वाले शिकारा का आनंद गोरखपुर के लोग अब रामगढ़ झील में भी उठा सकेंगे। शनिवार से इसका ट्रायल चल रहा है। जल्द ही विधिवत शुरुआत हो जाएगी। शिकारा के संचालक ने प्रति व्यक्ति 60 रुपए का टिकट तय किया है। एक बार में शिकारा के भीतर नौ लोग सवार हो सकेंगे। इसके लिए सभी को टिकट लेना होगा। जीडीए की निगरानी में शिकारा का संचालन होगा। इसको लेकर लोगों में कौतुहल भी नजर आया।

दो दिनों से चल रहा शिकारा का ट्रायल
रामगढ़ झील पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बोटिंग की व्यवस्था बनाई गई है। यहां आने वाले लोगों को पहले सामान्य बोटिंग की सुविधा दी गई। फिर जेट्टी पर स्पीड बोटिंग की शुरूआत हुई। रामगढ़ झील के महत्व को देखते हुए यहां पर शिकारा चलाने की तैयारी हुई। जीडीए से इसका टेंडर पूरा होने पर संचालक राजकुमार साहनी ने दो शिकारा पानी में उतारा। शिकारा को डोली की तरह सजाया गया है। इसमें बैठने के भरपूर इंतजाम है। एक साथ कुल नौ लोग सवार हो सकेंगे। शिकारा में जाने के पहले सभी को लाइफ जैकेट पहनाया जाएगा।

नई व्यवस्था में कई लोगों को मिला रोजगार
शिकारा के संचालक लहसड़ी इंटर कॉलेज के रहने वाले राजकुमार ने बताया कि दो बोट पर करीब छह लाख रुपए का खर्च आया है। शिकारा में सवार होने वाले बड़े लोगों का 60 रुपया टिकट दर निर्धारित किया गया है। छोटे बच्चों को कोई पैसा नहीं देना होगा। शिकारा धीमी स्पीड में चलेगा। टेंडर लेने के लिए जीडीए को भी शुल्क जमा कराया गया है। इससे छह लोगों को रोजगार मिला है। राजकुमार ने सीएम योगी की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीएम के प्रयास से आसपास के लोगों को रोजगार मिलने लगा है। यहां की सूरत बदलती जा रही है।


स्पीड बोट की टक्कर से पलटा शिकारा
शिकारा के बगल में ही स्पीड बोट भी चलती है। रविवार की शाम स्पीड बोट चला रहे युवक की लापरवाही से दुर्घटना हुई। उसने शिकारा में जोरदार टक्कर मार दी जिससे वह पलट गया। घटना से काफी देर तक अफरा—तफरी रही। शुक्र है कि हादसा प्लेटफार्म के नजदीक हुआ जहां पानी चार फीट के आसपास था। गोताखारों ने पानी में डूबे लोगों को तत्काल निकाल दिया। प्रत्य​क्षदर्शियों ने बताया कि करीब 10 मिनट के भीतर राहत और बचाव पूरा कर लिया गया। उस समय शिकारा में खोराबार के रहने वाले एक परिवार के पांच लोगों संग चार गोताखोर भी सवार थे। इसकी जानकारी जीडीए के अधिकारियों को भी दी गई। संचालक राजकुमार ने बताया कि बेहद ही सावधानी के साथ शिकारा का संचालन का ट्रायल किया जा रहा है। हालांकि जीडीए ने अभी औपचारिक शुरुआत नहीं की है। ट्रॉयल पूरा होने पर सवारी बैठाने के निर्देश दिए गए थे।

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