गोरखपुर में गढ़ी गई थी रणजीत बच्चन के मर्डर की कहानी!

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गोरखपुर। रविवार को लखनऊ, हजरतगंज में हुए रणजीत बच्चन की हत्या में महिला समेत तीन लोगों को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। गोरखपुर के सीओ क्राइम प्रवीण सिंह और लखनऊ के एसीपी अभय मिश्रा की टीम को यह कामयाबी मिली। पुलिस से जुड़े लोगों का कहना है गोरखपुर के रहने वाले हिन्दू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रणजीत बच्चन की हत्या की साजिश गोरखपुर में गढ़ी गई थी। हालांकि इस पर अंतिम मुहर नहीं लगी है। प्रॉपर्टी, पैसे और अवैध संबंधों के इर्द-गिर्द घूम रहे राज जल्द ही खुल जाएंगे।

रविवार की सुबह हुई थी हत्या
रणजीत बच्चन हजरतगंज थाना क्षेत्र के ओसीआर बिल्डिंग के बी ब्लॉक में रहते थे। रविवार की सुबह 6 बजे  आदित्य श्रीवास्तव के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। सीडीआरआई के पास जब वह ग्लोब पार्क से निकल रहे थे तभी बाइक सवार बदमाशों ने उनपर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। नाक की सीध में गोली मार दी। सिर में गोली लगने से उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं इस वारदात में उनके दोस्त आदित्य भी घायल हुए थे।

सपा से जुड़ाव मिला था राज्य मंत्री का दर्जा
विश्व हिंदू महासभा के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष रणजीत बच्चन लंबे समय तक समाजवादी पार्टी से भी जुड़े रहे। वह सपा के लिए गोरखपुर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करवाते थे। पत्नी कालिंदी निर्मल शर्मा के साथ सपा की शांति सद्भावना यात्रा में भी भागीदारी की थी। सपा की साइकिल यात्रा में भाग लेने पर ही मुलायम सरकार ने रणजीत को राज्यमंत्री का दर्जा भी दिया था। सात लाख किमी से अधिक की साइकिल यात्रा में भाग लेने पर गिनीज बुक ऑफ वर्ड रिकॉर्ड में भी उनका नाम दर्ज है।

गोरखपुर में दर्ज थे दो मुकदमे
सपा सरकार में रणजीत को लखनऊ की ओसीआर बिल्डिंग में फ्लैट आवंटित किया गया था। उनकी दो पत्नियां थीं। पहली पत्नी का नाम कालिंदी और दूसरी का स्मृति है। पहली पत्नी गोरखपुर में रहती है और संबंध विच्छेद हो जाने के बाद पहली पत्नी ने ही गोरखपुर में रणजीत के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। रणजीत पर रेप का भी आरोप लगा था। इसका मुकदमा भी शाहपुर में दर्ज है। रणजीत बच्चन की हत्या में प्रोफशनल शूटरों का सहारा लिया गया था। घटना के पर्दाफाश के लिए लखनऊ और गोरखपुर पुलिस एक साथ काम कर रही थी। गुलरिहा के पतरा में रणजीत बच्चन की भूमि, शाहपुर में एक प्रॉपर्टी डीलर, स्कूल प्रबंधक से जुड़ाव और निजी रिश्तों को खंगालने के दौरान पुलिस को पता लगा कि घटनास्थल पर मौजूद रहने वाला एक शख्स मुंबई भाग गया है। मोबाइल टावर की लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और परिवार के लोगों से पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर एक महिला सहित तीनों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।

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