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गोरखपुर। सिंधी समाज के आराध्य भगवान श्री झूलेलाल के पूज्य चालिहो महोत्सव का शुभारंभ गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और वैदिक विधि-विधान के साथ हुआ। श्री झूलेलाल मंदिर, गोरखनाथ और पूज्य माता साहिब आश्रम, जटाशंकर में कलश पूजन, अखंड ज्योति स्थापना और विशेष पूजा-अर्चना के बीच श्रद्धालुओं ने समाज की समृद्धि, राष्ट्र की खुशहाली तथा विश्व शांति की कामना की।
प्रातः श्री झूलेलाल मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश पूजन एवं अखंड ज्योति की स्थापना की गई। इसके बाद माता साहिब आश्रम में भी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। भगवान श्री झूलेलाल के जयघोष और भजनों से दोनों परिसर भक्तिमय बने रहे।

पूज्य माता माया दीदी तथा साईं रविदास महाराज गौतम ने वैदिक रीति से पूजन-अर्चन कराया। उन्होंने समाज में सुख-शांति, आपसी प्रेम, सद्भाव, राष्ट्र की उन्नति और मानव कल्याण की प्रार्थना की।
कार्यक्रम में दीवान चंद साधवानी, ओम प्रकाश रूपरेला, उमेश बिजलानी, प्रेम कटियार, राजेश कृपलानी, मूलचंद घवारी, लाजपत बुधवानी, विभिन्न पंचायतों के मुखी, महामंत्री देवा केशवानी, सिंधी अकादमी के सदस्य नरेश बजाज, युवा सिंधी समाज के उपाध्यक्ष विक्की कुकरेजा, नरेश कर्मचंदानी सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक, श्रद्धालु एवं मातृशक्ति उपस्थित रहे।

महामंत्री देवा केशवानी ने कहा कि चालिहो महोत्सव सिंधी समाज की आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी भाषा, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने युवाओं से महोत्सव के आगामी धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में भगवान श्री झूलेलाल की आरती हुई। श्रद्धालुओं ने समाज की उन्नति, राष्ट्र की समृद्धि और विश्व में शांति एवं सद्भाव की स्थापना के लिए सामूहिक प्रार्थना की।

