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सनातन संस्कृति और भारत की प्रगति यात्रा को बाधित करना चाहती हैं कुछ ताकतें
गोरखनाथ मंदिर में श्रीराम कथा विश्राम एवं गुरु पूर्णिमा महोत्सव में गोरक्षपीठाधीश्वर ने किया आह्वान
वर्तमान दौर के कालनेमियों से सावधान रहने की जरूरत : मुख्यमंत्री
गोरखपुर। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत के खिलाफ होने वाली साजिशों को समझने और उनसे सतर्क रहने की जरूरत है। कुछ ताकतें देश की प्रगति यात्रा, सनातन संस्कृति और परंपरा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं। ऐसे लोगों से अनभिज्ञ रहना अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसा होगा।
मुख्यमंत्री बुधवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में आयोजित श्रीराम कथा के विश्राम सत्र एवं गुरु पूर्णिमा महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज और महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और व्यासपीठ का पूजन किया।
सीएम योगी ने कहा कि समाज के कुछ लोग उन ताकतों के प्रवक्ता बने हुए हैं, जो सनातन संस्कृति पर आघात करने में लगी हैं। व्यक्ति और समाज को ऐसी ताकतों से सावधान रहते हुए आत्ममंथन और परिमार्जन के लिए तैयार रहना होगा। समाज मजबूत होगा तो राष्ट्र को समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने तेज गति से विकास किया है और आने वाले वर्षों में भारत दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारत की बढ़ती ताकत कुछ ताकतों को स्वीकार नहीं हो रही है। ऐसी ताकतें देश में अस्थिरता, अशांति और अव्यवस्था फैलाने की कोशिश कर सकती हैं।
नक्सलवाद समाप्त होने के बाद नए रूप में आ सकते हैं षड्यंत्रकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 वर्ष पहले देश के 120 जिलों में नक्सलवाद था, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। नक्सलवाद को बढ़ावा देने वाले लोग अब नए रूप और छद्म नामों के साथ सामने आ सकते हैं। उन्होंने रामायण में हनुमानजी की राह रोकने वाले कालनेमि का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्तमान दौर के कालनेमियों से सभी को सावधान रहना होगा।
उन्होंने कहा कि समाज को एकजुट होकर यह संकल्प लेना होगा कि देश के खिलाफ किसी भी षड्यंत्र को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रगति पर गर्व करें, लेकिन सतर्कता न छोड़ें
सीएम योगी ने कहा कि जब भी कोई राष्ट्र बड़ी प्रगति की ओर बढ़ता है तो उसके सामने चुनौतियां भी आती हैं। उन्होंने रामायण और महाभारत के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि वैभव के दौर में भी चुनौतियां सामने आईं।
उन्होंने चंद्रगुप्त और चाणक्य के समय भारत की समृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि जब हम उपलब्धियों पर अत्यधिक मुग्ध हो जाते हैं, तब कुछ लोग व्यवस्था को कमजोर करने के प्रयास में जुट जाते हैं। इसलिए प्रगति के साथ सतर्कता भी आवश्यक है।
सनातन संस्कृति सभी को देती है संरक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति की धारा में सभी मत और संप्रदायों को संरक्षण मिलता है। लेकिन कुछ लोग इसमें विष घोलने का प्रयास करते हैं। ऐसे प्रयासों के खिलाफ समाज को जागरूक रहना होगा। उन्होंने कहा कि गुरु की भूमिका निभाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह समाज को सही दिशा दिखाए।
उन्होंने कहा कि मातृशक्ति और मातृभूमि का अपमान करने वालों को कठोर दंड मिलना चाहिए।
आरती के साथ श्रीराम कथा का हुआ विश्राम
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर 23 जुलाई से चल रही सप्तदिवसीय श्रीराम कथा का समापन श्रीरामचरितमानस ग्रंथ की आरती के साथ हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले आरती उतारी और कथाव्यास आचार्य शांतनु जी महाराज के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, सांसद रविकिशन शुक्ल, गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, देवीपाटन शक्तिपीठ के महंत मिथिलेशनाथ, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास समेत बड़ी संख्या में साधु-संत, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद और श्रद्धालु मौजूद रहे।

