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गोरखपुर। निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) ने निषाद, मछुआ, केवट, बिंद, मल्लाह समेत परंपरागत जलजीवी समुदायों को अनुसूचित जाति (एससी) का आरक्षण देने की मांग तेज कर दी है। इसी क्रम में सोमवार को पादरी बाजार स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के कार्यकारिणी अध्यक्ष डॉ. अमित निषाद के मार्गदर्शन में बैठक आयोजित की गई। इसमें जिले के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को आंदोलन की आगामी रणनीति से अवगत कराया गया।
बैठक में बताया गया कि मंगलवार से जनप्रतिनिधियों के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपने का अभियान शुरू किया जाएगा। इसके तहत जिले के सभी विधायकों को ज्ञापन देकर निषाद समाज की मांगों से अवगत कराया जाएगा।
डॉ. अमित निषाद ने कहा कि निषाद समाज को राजनीतिक पहचान, सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने लगातार संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि निषाद, मछुआ, केवट, बिंद, मल्लाह सहित सभी परंपरागत जलजीवी समुदायों को अनुसूचित जाति का आरक्षण दिए जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। जब तक समाज को उसका संवैधानिक अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बैठक में कार्यकर्ताओं ने सरकार से निषाद समाज की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। साथ ही कहा कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। बैठक शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई

