गोरखपुर में महिला दुग्ध उत्पादकों की बड़ी कामयाबी, रोजाना 1.50 लाख लीटर दूध का संग्रहण; 73 हजार महिलाएं जुड़ीं

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श्री बाबा गोरखनाथ कृपा एमपीओ से 1200 गांवों की महिलाएं जुड़ीं, तीन साल में 300 करोड़ रुपये का दुग्ध मूल्य सीधे बैंक खातों में पहुंचा

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘आत्मनिर्भर नारी, सशक्त नारी’ के विजन को धरातल पर उतारते हुए श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (एमपीओ) ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन रहा है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित इस एमपीओ से जुड़ी महिलाओं के माध्यम से वर्तमान में प्रतिदिन करीब 1.50 लाख लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है।
एमपीओ की पारदर्शी व्यवस्था के तहत दुग्ध उत्पादकों को भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाता है। पिछले करीब तीन वर्षों में सदस्य महिलाओं को 300 करोड़ रुपये का दुग्ध मूल्य भुगतान किया जा चुका है। इससे बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं को नियमित आय का जरिया मिला है और वे डेयरी व्यवसाय के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
1200 गांवों की 73 हजार महिलाएं बनीं सदस्य
श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन का पंजीकरण राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से 29 अगस्त 2022 को किया गया था। ग्रामीण महिलाओं को दुग्ध व्यवसाय से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने और गांवों में संगठित एवं टिकाऊ डेयरी अर्थव्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय दुग्ध दिवस, 26 नवंबर 2023 से इसका परिचालन शुरू हुआ।
एमपीओ के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) धनराज साहनी के अनुसार, करीब तीन वर्ष के परिचालन में ही गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़, मऊ और संतकबीरनगर जिलों के 1200 गांवों की करीब 73 हजार महिलाएं एमपीओ से जुड़ चुकी हैं।
वर्तमान में इन महिला दुग्ध उत्पादकों से प्रतिदिन करीब 1.50 लाख लीटर दूध का संग्रहण हो रहा है। दुग्ध मूल्य का भुगतान प्रत्येक 10 दिन में सीधे सदस्य महिलाओं के बैंक खातों में किया जाता है। अब तक दुग्ध संग्रह के एवज में करीब 300 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
महिला सशक्तीकरण और श्वेत क्रांति का बन रहा मॉडल
एमपीओ के सीईओ के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संचालित यह मॉडल महिला सशक्तीकरण, वित्तीय समावेशन और श्वेत क्रांति को एक साथ आगे बढ़ा रहा है। दुग्ध व्यवसाय से जुड़ने के बाद ग्रामीण महिलाओं को नियमित आय के साथ आर्थिक निर्णयों में भी अधिक भागीदारी का अवसर मिल रहा है।
एमपीओ का उद्देश्य केवल दूध संग्रहण तक सीमित नहीं है। महिला दुग्ध उत्पादकों की आय और पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने के लिए पशुपालन, पोषण, स्वास्थ्य, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता को भी इससे जोड़ा गया है।
महिलाओं को मिला 10 करोड़ रुपये का पशु ऋण
महिला दुग्ध उत्पादकों को अधिक पशु खरीदने और डेयरी व्यवसाय का विस्तार करने में मदद के लिए एमपीओ बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने में सहयोग कर रहा है। अब तक करीब 10 करोड़ रुपये का पशु ऋण वितरित कराया जा चुका है।
इसके अलावा पशुओं के लिए गुणवत्तापूर्ण पोषण, संतुलित आहार, वैज्ञानिक पशुपालन और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। गांवों में पशुओं के उपचार और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल वेटरिनरी वैन का संचालन किया जा रहा है।
महिलाओं को वैज्ञानिक पशुपालन का प्रशिक्षण
महिला दुग्ध उत्पादकों की क्षमता बढ़ाने के लिए समय-समय पर वैज्ञानिक पशुपालन प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रम और नेतृत्व विकास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। दुग्ध उत्पादक परिवारों के बच्चों के लिए करियर डेवलपमेंट कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।
एमपीओ की ओर से पशुपालक परिवारों को स्वच्छ ऊर्जा से जोड़ने और गोबर के बेहतर उपयोग के लिए अब तक 100 घरेलू बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इससे परिवारों को घरेलू ईंधन उपलब्ध होने के साथ ईंधन खर्च में कमी और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिल रही है।
गुजरात में वैज्ञानिक प्रशिक्षण लेंगी 50 महिलाएं
महिला दुग्ध उत्पादकों को आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन तथा दुग्ध उत्पादन का प्रशिक्षण दिलाने की दिशा में भी पहल की गई है। इसके तहत पहले चरण में 50 सदस्य महिलाओं को नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी), आणंद, गुजरात भेजा गया है।
यह प्रशिक्षण महिलाओं को वैज्ञानिक पशुपालन, दुग्ध उत्पादन की आधुनिक तकनीक और डेयरी व्यवसाय के बेहतर प्रबंधन की जानकारी देने में मदद करेगा। इससे आने वाले समय में महिला दुग्ध उत्पादकों की आय और दुग्ध उत्पादकता बढ़ाने की उम्मीद है।
आंकड़ों में श्री बाबा गोरखनाथ कृपा एमपीओ
73 हजार महिला सदस्य
1200 गांवों तक पहुंच
300 करोड़ रुपये का दुग्ध मूल्य भुगतान
10 करोड़ रुपये का पशु ऋण
100 घरेलू बायोगैस संयंत्र स्थापित
50 महिलाएं वैज्ञानिक प्रशिक्षण के लिए गुजरात भेजी गईं
7 जिले एमपीओ के नेटवर्क से जुड़े

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