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गोरखपुर। घर से निकले बालक के वापस न लौटने और उसके मोबाइल से पिता के मोबाइल पर एआई जनरेटेड फोटो भेजकर एक लाख रुपये की मांग किए जाने की सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सिकरीगंज पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सीडीआर और सीसीटीवी फुटेज की मदद से महज दो घंटे में बालक को सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में पता चला कि ऑनलाइन गेम में रुपये लगाने के लिए बालक ने स्वयं के अपहरण की कहानी रची थी।
थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि उसका भांजा घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटा है। इसी दौरान बालक के मोबाइल से उसके पिता के मोबाइल पर कुछ फोटो भेजे गए और एक लाख रुपये की मांग की गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस अधीक्षक दक्षिणी के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी खजनी के पर्यवेक्षण और थानाध्यक्ष सिकरीगंज आशीष कुमार दूबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सीडीआर और सीसीटीवी फुटेज की मदद से बालक की तलाश शुरू की। करीब दो घंटे के भीतर पुलिस ने उसे सकुशल बरामद कर लिया और नियमानुसार परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
पूछताछ में बालक ने बताया कि वह ऑनलाइन गेम खेलने का आदी है। गेम में रुपये लगाने के लिए उसने स्वयं को अपहृत बताने की योजना बनाई थी। इसके लिए उसने एआई से तैयार फोटो पिता के मोबाइल पर भेजी और एक लाख रुपये की मांग की। पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
बालक की सकुशल बरामदगी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष आशीष कुमार दूबे, उपनिरीक्षक रमेश कुमार साहनी, कांस्टेबल बलवीर सिंह, कांस्टेबल नरेन्द्र यादव और कांस्टेबल विश्वजीत साहनी शामिल रहे।

