कैंटीन, अटैच्ड बाथरूम और लिफ्ट से लैस होगा तीमारदारों का नया आशियाना

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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 508 लोगों की क्षमता का बनेगा रोगी सहायक आवास, 43.69 करोड़ रुपये होंगे खर्च

गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने आने वाले रोगियों के साथ रहने वाले तीमारदारों के लिए योगी सरकार बड़ी सुविधा देने जा रही है। मेडिकल कॉलेज परिसर में 508 लोगों की क्षमता वाला अत्याधुनिक रोगी सहायक आवास बनाया जाएगा। पांच मंजिला इस भवन में तीमारदारों के ठहरने के लिए आवासीय सुविधा के साथ कैंटीन, डायनिंग हाल, किचन, पार्किंग और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। भवन के प्रत्येक कमरे में अटैच्ड टॉयलेट-बाथरूम की सुविधा होगी।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ ही पश्चिमी बिहार, नेपाल और सीमावर्ती क्षेत्रों से बड़ी संख्या में रोगी बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचते हैं। उनके साथ आने वाले तीमारदारों को लंबे समय तक रुकना पड़ता है। ऐसे में नया रोगी सहायक आवास उनके लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक ठहराव का माध्यम बनेगा।

5600 वर्गमीटर में होगा निर्माण

रोगी सहायक आवास का निर्माण स्टिल्ट एरिया प्लस पांच मंजिला भवन के रूप में किया जाएगा। करीब 5600 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बनने वाली यह बिल्डिंग आरएमआरसी-आईसीएमआर के पीछे प्रस्तावित है। भवन के निर्माण पर 43.69 करोड़ रुपये खर्च होंगे। चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश जल निगम शहरी की कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) यूनिट-19 को पहली किश्त के रूप में पांच करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।

पांच मंजिल पर 508 बेड की व्यवस्था

भवन के स्टिल्ट एरिया में पार्किंग के अलावा डायनिंग हाल, किचन, पैंट्री और स्टोर बनाया जाएगा। प्रथम से पंचम तल तक आवासीय सुविधा रहेगी। पहले और दूसरे तल पर 56-56 बेड तथा तीसरे, चौथे और पांचवें तल पर 132-132 बेड की व्यवस्था होगी। इस तरह कुल 508 लोगों के ठहरने की क्षमता होगी।

सभी कमरों में अटैच्ड टॉयलेट-बाथरूम बनाए जाएंगे। भवन में सीढ़ियों के साथ 20 लोगों की क्षमता वाली लिफ्ट भी लगाई जाएगी। सुरक्षा और निगरानी के लिए पूरे भवन में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था रहेगी।

निविदा प्रक्रिया पूरी, अनुबंध गठन प्रगति पर

सीएंडडीएस-19 के रेजिडेंट इंजीनियर संदीप कुमार चौरसिया ने बताया कि रोगी सहायक आवास के निर्माण के लिए निविदा की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। वर्तमान में अनुबंध गठन की कार्रवाई चल रही है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।

लंबे समय से जरूरत महसूस कर रहे थे तीमारदार

बीआरडी मेडिकल कॉलेज पूर्वांचल के साथ नेपाल और बिहार के सीमावर्ती जिलों के लिए भी प्रमुख चिकित्सा केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में रोगी उपचार के लिए पहुंचते हैं और उनके साथ एक से दो तीमारदार भी रहते हैं। गंभीर रोगियों के उपचार के दौरान परिजनों को कई दिनों तक मेडिकल कॉलेज परिसर या उसके आसपास रुकना पड़ता है। ऐसे में अटैच्ड टॉयलेट-बाथरूम, भोजन और अन्य सुविधाओं से युक्त 508 बेड का रोगी सहायक आवास तीमारदारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।

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