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मुख्यमंत्री बोले- परिवार और धनकुबेरों तक सिमटी सपा की राजनीति, शिक्षकों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस उपचार और 1.20 करोड़ रुपये तक दुर्घटना बीमा
चाय पंचायत, गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा और शिक्षा नदी के दो छोर हैं, जो कभी नहीं मिल सकते। जो शिक्षा का विरोधी होगा, वह शिक्षकों का हितैषी नहीं हो सकता। सपा की राजनीति अब परिवार और धनकुबेरों तक सिमटकर रह गई है। राज्यसभा चुनाव में भी यह दिखाई दिया। मुख्यमंत्री सोमवार को महंत दिग्विजयनाथ पार्क में गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड से भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में आयोजित शिक्षक मतदाता संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, शिक्षकों के हितों की रक्षा करने और शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है। वहीं, सपा शिक्षकों की हितैषी होने का दिखावा कर रही है। उसे बताना चाहिए कि चार बार सरकार बनाने के बावजूद शिक्षकों को कैशलेस उपचार की सुविधा क्यों नहीं दी गई और शिक्षा जगत की समस्याओं का समाधान क्यों नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि सपा शासनकाल में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था बदहाल थी। नकल प्रदेश की पहचान बन गई थी, विद्यालयों के भवन जर्जर थे और युवाओं के सामने भविष्य को लेकर संकट था। शिक्षकों, बहन-बेटियों और शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा के लिए खतरा बने अराजक तत्वों को तत्कालीन सरकार का संरक्षण मिलता था। आज कोई भी शिक्षण संस्थान, शिक्षक या बहन-बेटी की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं कर सकता। ऐसा करने वालों को जेल जाना पड़ेगा।
रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले अब जप रहे राम नाम
मुख्यमंत्री ने सपा पर राम मंदिर और अयोध्या को लेकर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, राम मंदिर के विरोध में पैरवी की और अयोध्या जाकर भी मंदिर नहीं जाते, वे अब कालनेमि की तरह राम नाम जप रहे हैं। सपा के लोग झूठ बोलने और बार-बार रंग बदलने में माहिर हैं।

सपा के पीडीए नारे पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका मतलब परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी और पराया धन अपना है। राज्यसभा चुनाव में एक प्रत्याशी परिवार से और दूसरा मुंबई के धनाढ्य व्यक्ति को बनाया गया। इससे स्पष्ट है कि सपा के पीडीए में समाज के दूसरे वर्गों के लिए कोई जगह नहीं है।
उन्होंने सपा के शांति और सुरक्षा संबंधी दावों पर भी सवाल उठाए। कहा कि सपा का यह कहना कि उसके सत्ता में आने पर अमन-चैन और सुरक्षा कायम होगी, ऐसा ही है जैसे मगरमच्छ कहे कि उसने शिकार करना बंद कर दिया है। सपा के लोग नौका पार लगाने वाले नहीं, बल्कि उसे डुबाने वाले हैं। शिक्षकों को ऐसे लोगों पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
शिक्षकों को पांच लाख तक कैशलेस उपचार की सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक समाज का मार्गदर्शक और राष्ट्र के भविष्य का निर्माता है। गुरु ऋण से कोई व्यक्ति कभी उऋण नहीं हो सकता। भारत में गुरु सम्मान की गौरवशाली परंपरा रही है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के व्यक्तित्व को निखारने में उनके गुरुओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी तरह चंद्रगुप्त को चाणक्य जैसे गुरु का मार्गदर्शन मिला, जिससे भारत का स्वर्णिम इतिहास बना।
उन्होंने कहा कि शिक्षक का सबसे बड़ा सम्मान अच्छी शिक्षा व्यवस्था है। सरकार ने शिक्षकों की अपेक्षाओं को बिना धरना-प्रदर्शन पूरा करने का प्रयास किया है। बेसिक से विश्वविद्यालय स्तर तक शिक्षा व्यवस्था से जुड़े शिक्षकों, कार्मिकों और उनके परिजनों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा दी गई है।
सरकार ने बिना वेतन कटौती शिक्षकों को दुर्घटना बीमा सुरक्षा भी उपलब्ध कराई है। सरकारी और अनुदानित विद्यालयों के शिक्षक की दुर्घटना में मृत्यु होने या संबंधित बीमा प्रावधान लागू होने की स्थिति में परिवार को 80 लाख से 1.20 करोड़ रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को भी सुरक्षा बीमा का लाभ दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये और अनुदेशकों का मानदेय नौ हजार से बढ़ाकर 17 हजार रुपये किया गया है।
बंदूक लेकर विद्यालय जाती थीं महिला शिक्षक
मुख्यमंत्री ने अपने संसदीय कार्यकाल का वर्ष 2004 का एक प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि एक दिन क्षेत्र में जाते समय साइकिल से विद्यालय जा रही एक महिला शिक्षक मिलीं। उनके कंधे पर बंदूक लटकी हुई थी। पूछने पर उन्होंने बताया कि तत्कालीन सरकार में सुरक्षा की स्थिति ऐसी थी कि उन्हें अपनी और विद्यालय के बच्चों की रक्षा के लिए बंदूक लेकर जाना पड़ता था।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर हुई है। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। माध्यमिक शिक्षा से जुड़े 2,300 राजकीय और अनुदानित विद्यालयों को भवन और अन्य सुविधाओं के विकास के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई है। विद्यालयों में स्मार्ट कक्षा, कंप्यूटर प्रयोगशाला और डिजिटल पुस्तकालय जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
पुरानी पेंशन पर सपा को घेरा
मुख्यमंत्री ने नई पेंशन योजना को लेकर भी सपा पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्री रहते वर्ष 2005 में नई पेंशन योजना लागू की गई थी, लेकिन उस समय कर्मचारियों और शिक्षकों के खाते खोलने तथा अंशदान जमा करने की व्यवस्था पर काम नहीं हुआ। भाजपा सरकार बनने के बाद वर्ष 2018 में समिति गठित की गई और 2019 के प्रारंभ में 10 हजार करोड़ रुपये उपलब्ध कराकर 14 लाख सरकारी कर्मचारियों के खाते खुलवाए गए।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सपा को पता है कि उसकी सरकार नहीं बनने वाली, इसलिए वह मनमाने वादे कर रही है। भाजपा सरकार शिक्षकों और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं और सैफई सिंडिकेट के प्रभाव के आरोप लगते थे। उस समय शिक्षकों के डेढ़ लाख से अधिक पद खाली थे। भाजपा सरकार बनने के बाद निष्पक्ष चयन प्रक्रिया के माध्यम से नियुक्तियां की गईं। आज उत्तर प्रदेश विकास, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।
ध्रुव त्रिपाठी को जिताने की अपील
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज का जागरूक प्रहरी और राष्ट्र की समृद्धि का आधार है। शिक्षकों को ऐसे प्रतिनिधि का चयन करना चाहिए, जो उनके हितों के लिए निरंतर कार्य करे। उन्होंने ध्रुव त्रिपाठी को माध्यमिक शिक्षक संघ के दिवंगत नेताओं ओमप्रकाश शर्मा और पंचानन राय की परंपरा का वाहक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक निर्वाचन के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा। माध्यमिक शिक्षा से जुड़े मतदाताओं के लिए उस दिन अवकाश घोषित किया गया है।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार ने प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों का कायाकल्प किया है। प्रोजेक्ट अलंकार से विद्यालयों में भवन, शौचालय और पुस्तकालय की सुविधाएं बढ़ी हैं। शिक्षकों को बिना आंदोलन सातवां वेतनमान और कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिली है।
सांसद रवि किशन शुक्ल ने कहा कि ध्रुव त्रिपाठी शिक्षकों की आवाज उठाते रहे हैं। सपा का शिक्षा और ज्ञान से कोई सरोकार नहीं है। भाजपा सरकार में गोरखपुर में स्वास्थ्य विश्वविद्यालय और सैनिक विद्यालय जैसी सुविधाओं का विकास हुआ है।
भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों की कैशलेस चिकित्सा की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है। एक अप्रैल 2005 से पहले विज्ञापित पदों से संबंधित शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ मिला है। पदोन्नति की प्रक्रिया सुगम हुई है और ग्रेच्युटी की सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये की गई है। वित्तविहीन शिक्षकों की सेवा नियमावली अंतिम चरण में है।
कार्यक्रम में कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान, अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद, ग्रामीण विकास राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम, सांसद जगदंबिका पाल, विजय दूबे, महापौर डा. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश महामंत्री अभिजात मिश्रा, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, प्रदेश उपाध्यक्ष डा. धर्मेंद्र सिंह सहित शिक्षक संघ के पदाधिकारी और पार्टी के अन्य नेता उपस्थित रहे।
