महिला सम्मान पर कांग्रेस को घेरा, भाजपा महिला मोर्चा ने निकाली जन आक्रोश रैली

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प्रीति शाही ने पूछा—‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ का नारा देने वाली कांग्रेस बताए, 11 छात्राओं के साथ खड़ी है या अपने सांसद के साथ?

चाय पंचायत, गोरखपुर। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की छात्राओं की ओर से कांग्रेस सांसद प्रो. आंगोमचा बिमोल अकोइजम पर लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मंगलवार को भाजपा महिला मोर्चा की गोरखपुर महानगर अध्यक्ष प्रीति शाही के नेतृत्व में जन आक्रोश रैली निकालकर महिला सम्मान, सुरक्षा और न्याय का मुद्दा उठाया गया। रैली नगर निगम परिसर स्थित रानी लक्ष्मीबाई पार्क से शुरू होकर महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंची। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व के रुख पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और छात्राओं को न्याय दिलाने की मांग की।

महानगर अध्यक्ष प्रीति शाही ने कहा कि कांग्रेस महिला सम्मान की बात करती है, लेकिन अपने नेताओं पर महिलाओं के उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगने पर उसका रवैया सवालों के घेरे में आ जाता है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा महिला सम्मान को लेकर बड़े-बड़े भाषण देते हैं, लेकिन 11 छात्राओं की शिकायत के मामले में कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।

उन्होंने कहा कि ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ का नारा देने वाली कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह न्याय के लिए संघर्ष कर रही छात्राओं के साथ खड़ी है या अपने सांसद के बचाव में। महिला सम्मान केवल राजनीतिक नारों से नहीं, बल्कि संकट के समय महिलाओं के साथ खड़े होने से साबित होता है।

महिलाओं के सम्मान पर दोहरा रवैया स्वीकार नहीं

पूर्व महापौर डॉ. सत्य पांडेय ने कहा कि महिलाओं की गरिमा और न्याय के सवाल पर किसी भी राजनीतिक दल का दोहरा रवैया स्वीकार नहीं किया जा सकता। छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और शिकायतकर्ता छात्राओं को न्याय मिलना चाहिए। किसी भी व्यक्ति को उसके राजनीतिक पद या प्रभाव के आधार पर जवाबदेही से छूट नहीं मिलनी चाहिए।

आरोपों की निष्पक्ष जांच हो: रागिनी जायसवाल

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री रागिनी जायसवाल ने कहा कि जेएनयू की छात्राओं की ओर से कांग्रेस सांसद के विरुद्ध लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोप गंभीर हैं। इस संवेदनशील प्रकरण में कांग्रेस नेतृत्व को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति कानून और जवाबदेही से ऊपर नहीं है। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के मामले में समझौता नहीं किया जा सकता। शिकायतकर्ता छात्राओं की गरिमा, सुरक्षा और न्याय को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

ये रहीं उपस्थित

रैली में उपसभापति पूनम सिंह, महानगर मंत्री उषा चौहान, पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कुमकुम सिंह, वंदना गुप्ता, क्षेत्रीय सामाजिक मीडिया प्रमुख, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से जुड़ी पार्षद सरोज पासवान, मीरा यादव, मनोनीत पार्षद ममता जायसवाल, मीरा दुबे, शीला सिंह और अचला शाही सहित बड़ी संख्या में महिला मोर्चा की कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।

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