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गोरखपुर के साईं मंदिर में पांच दिवसीय आध्यात्मिक आयोजन संपन्न, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने की सहभागिता; विधिवत हस्तांतरण के बाद वाराणसी पहुंचा स्वामी का रथ
गोरखपुर। कुसम्ही बाजार स्थित साईं मंदिर में पांच दिवसीय प्रवास के बाद श्री सत्य साईं प्रेम प्रवाहिनी (स्वामी का रथ) वाराणसी के लिए रवाना हो गई। 21 अक्टूबर को पहुंची प्रेम प्रवाहिनी का साईं भक्तों ने भव्य स्वागत किया था। प्रवास के दौरान ओंकारम, नगर संकीर्तन, सामूहिक हवन, पालकी उत्सव और भजन-सत्संग सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
पांच दिनों तक कुसम्ही बाजार स्थित साईं मंदिर में प्रतिदिन आध्यात्मिक कार्यक्रम हुए। इनमें सुप्रभातम, लिखित जप, चरण पूजा, बाल विकास, मंगल आरती और भोजन प्रसाद वितरण प्रमुख रहे। भजन-कीर्तन और स्वामी के जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय बना रहा।
जिला अध्यक्ष श्रवण कुमार भगत ने बताया कि श्री सत्य साईं प्रेम प्रवाहिनी के प्रवास का उद्देश्य स्वामी के प्रेम, सेवा, सत्य और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। आयोजन में साईं भक्तों और सेवादल के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता की।
गोरखपुर जिले का प्रवास पूरा होने के बाद गाजीपुर जिले के निकट श्री सत्य साईं प्रेम प्रवाहिनी रथ का गोरखपुर जिला अध्यक्ष ने वाराणसी जिला अध्यक्ष को विधिवत हस्तांतरण किया। इसके बाद रथ वाराणसी के लिए रवाना हो गया।
इस अवसर पर समिति के संयोजक गोरख प्रसाद, बड़े लाल जायसवाल, विकास गुप्ता, पीके मल्ल, विजय, गोपाल, लवकुश, पुनीत, किशन, सोनू, राजू, पी. राय, रामू श्रीवास्तव, सीमा मल्ल, सुधा पाल, निर्मला, रानी, ममता, ज्योति, वंदना, आकांक्षा, प्रीति, बिंदु और सुनीता सहित सैकड़ों साईं भक्त उपस्थित रहे।
