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कोई व्यक्ति अचानक बड़ा नहीं बनता, करना पड़ता है प्रयास: योगी आदित्यनाथ

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गोरखपुर। हमें याद रखना होगा कि कोई व्यक्ति अचानक बड़ा नहीं होता है। इसके लिए प्रयास करना पड़ता है। व्यक्ति सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर हो और सबको साथ लेकर चलने का भाव उसके मन में हो तो जीवन में सफलता अवश्य प्राप्त होती है। यह बातें महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद संस्थापक सप्ताह समारोह के उद्धाटन सत्र को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कही हैं। उन्होंने कहा कि जनरल बिपिन रावत से चर्चा में मैंने पूछा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले हमारे सैनिक उन दुर्गम क्षेत्रों में कैसे काम कर पाते हैं, जहां पर किसी के लिए रुकना भी मुश्किल है। दो— चार दिनों तक कोई व्यक्ति घूमकर मौज— मस्ती करके वापस आ जाते हैं। उन दुर्गम जगहों पर हमारे जवान निरंतर कैसे रह पाते हैं। तब जनरल ने बताया कि यह तो आसान कार्य है। सैनिकों को उन पहाड़ों पर एक नई ऊर्जा मिलती है। यह उनका काम है, इसलिए वह रह रहे हैं। वह इस काम को अपने अनुकूल बनाते हैं। जब वह अपने काम को अनुकूल बना लेते हैं, तभी दुश्मन की छाती को भेदने की क्षमता रखते हैं। इस मौके पर उन्होंने कवि दिनकर की एक कविता भी पढ़ी, वसुधा का नेता कौन हुआ? भूखण्ड-विजेता कौन हुआ? अतुलित यश क्रेता कौन हुआ? नव-धर्म प्रणेता कौन हुआ? जिसने न कभी आराम किया, विघ्नों में रहकर नाम किया। यानी कि बाधाओं को चुनौती मानते हुए उसका डटकर मुकाबला करने वाला व्यक्ति ही जीवन में सफल होता है। इसका उदाहरण प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारे सामने है।


कोविड में विकसित हुई नई कार्यपद्धति
सीएम ने कहा कि हमको इस बात का ध्यान रखना होगा कि कोविड 19 ने हमारे सामने चुनौती प्रस्तुत की। लेकिन आपदा में हमने नई कार्य पद्धति वि​कसित की। बच्चे आनलाइन पढ़ रहे हैं। अब बच्चे पूछ रहे हैं कि हम स्कूल आना चाहते हैं। कब खुलेगा। हर चीज गूगल से संभव नहीं हो सकती। कोविड 19 से बचाव के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार अपने स्तर पर पूरा प्रयास कर रही है। फिर भी हम सभी को समझना होगा कि जागरूकता ही बचाव है। आने वाले समय में वैक्सीनेशन की भी तैयारी है। लेकिन जब कोई वायरस एक बार आ जाता है, तो वह लंबे समय तक असरदार रहता है। ऐसे में बचाव का रास्ता जनता को सतर्कता से निकालना होगा। सतर्कता का रास्ता अपनाना सभी के लिए महत्वपूर्ण है।

इंसेफेलाइटिस की महामारी को किया काबू
संबोधन में सीएम ने कहा कि ईस्ट यूपी में इंसेफेलाइटिस जैसी महामारी के खिलाफ एक लड़ाई लड़ी गई है। इसका नतीजा रहा है कि इस पर काबू पाया जा सका। वर्ष 2017 के पहले जुलाई से सितंबर के बीच में हजारों मौतें हो जाती थीं। लेकिन पिछले तीन वर्षों के दौरान इसे काबू किया गया। सरकार के प्रयासों से मौत के आंकड़ों को नियंत्रित करने में सफलता मिली। सावधानी और जागरूकता बरतने से कोरोना से भी जीत सकते हैं।

सफलता के लिए करनी होगी कड़ी मेहनत: जनरल बिपिन रावत
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने कहा कि आप विद्यार्थी हमारे देश का भविष्य हैं। हमारा देश कैसे उन्नति करेगा, यह आपकी कार्यशैली निर्भर करता है। आप सभी जितनी लगन, मेहनत, ईमानदारी और वफादारी के साथ कर्तव्य पालन करेंगे, उतना ही हमारा देश उतनी उन्नति करेगा। इसीलिए हमारे देश का भविष्य आप सभी के हाथों में है। हमें अपनी सोच भी ऊपर रखनी चाहिए। अगर आप तारों तक पहुंचने की कोशिश करेंगे तो चांद पर पहुंच पाएंगे। यह सब करने के लिए आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। उन्होंने स्वामी विवेकानंद की बातों का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर आप को अपनी दिनचर्या में किसी मुश्किल हालात का सामना नही करना पड़ रहा है तो आप गलत रास्ते पर जा रहे हैं। क्योंकि जब हम आगे बढ़ते हैं तो राह में मुश्किलें भी आती हैं। हमें इससे निराश होने की जरूरत नही है। उन्होंने यह भी कहा कि अपनी ताकत को पहचानें। सभी में गुण और अवगुण होते हैं। उन्‍होंने कहा कि टीम वर्क का ध्यान रखेंगे, हमेशा सफल होंगे। इसके लिए हमें मैं से हम की तरफ बढ़ना होगा। संबोधन के दौरान कई प्रेरक प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कार्यक्रम में आमंत्रण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के पदाधिकारियों का आभार जताया। कहा कि परिषद द्वारा चलाई गई संस्थाओं के विद्यार्थी अगर मेहनत और लगन के साथ काम करेंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी।

डिप्टी सीएम बोले: समय— समय पर करवट लेता रहा गोरखपुर
कार्यक्रम में शामिल यूपी गवर्नमेंट के ​उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह में शामिल होने का मुझे अवसर मिला। यह मेरे लिए सौभाग्य का विषय है। उत्तर प्रदेश की राजनीति और धार्मिक क्षेत्र में गोरखपुर ने समय-समय पर करवट लिया है। इसके विकास में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजय नाथ और ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ का विशेष योगदान रहा है। देश की गरिमा के लिए मुगलों से लड़कर प्राणों की आहुति देने वाले महाराणा प्रताप सबके मन— मस्तिष्क में आज भी विद्यमान हैं। आजादी में ही जीएंगे और आजादी में ही दुश्मनों से मोर्चा लेंगे यह उनका मूल मंत्र था। 22वीं सदी के महंत दिग्विजय नाथ ने गोरखपुर विश्वविद्यालय समेत तमाम कालेजों की स्थापना कराई। यह बहुत बड़ा योगदान है।

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