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* तीन दिनों तक प्रतिभा, आत्मविश्वास और नेतृत्व का साक्षी बना परिसर
गोरखपुर।
महाविद्यालय परिसर में आयोजित ‘युवा महोत्सव–2026’ का समापन उत्साह, उमंग और उपलब्धियों के साथ हुआ। तीन दिनों तक चले इस आयोजन में छात्राओं ने खेल, वाद-विवाद, निबंध लेखन तथा अग्नि रहित पाक-कला जैसी विविध प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर सहभागिता की। परिसर नारों से नहीं, बल्कि आत्मविश्वास की गूंज से मुखरित रहा।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि कीर्ति पांडेय (कला संकाय अध्यक्षा, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय) ने कहा कि प्रतियोगिताएं व्यक्तित्व को निखारकर उसे कुंदन बनाती हैं। उन्होंने छात्राओं को निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
विशिष्ट अतिथि विशाल त्रिपाठी (प्रधानाचार्य, आर्मी पब्लिक स्कूल) ने अनुशासन और समर्पण को सफलता की आधारशिला बताया। प्रेरक वक्ता राजल गुप्ता ने कहा कि असफलता अंत नहीं, बल्कि शक्ति के नए आरंभ का संकेत है।
संरक्षिका रीना त्रिपाठी ने शिक्षा को आत्मनिर्भरता और नेतृत्व का माध्यम बताते हुए कहा कि सशक्त नारी ही सशक्त समाज की आधारशिला है। प्राचार्या गौरी पाण्डेय ने कहा कि युवा शक्ति महाविद्यालय की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने शिक्षकों के समर्पण और छात्राओं के उत्साह को महोत्सव की सफलता का श्रेय दिया।

नर्सिंग विभाग के प्रधानाचार्य प्रकाश सिंह चौधरी ने सेवा-भाव और सामूहिक कार्य की महत्ता पर बल दिया।
महोत्सव के दौरान विजयी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। छात्राओं के चेहरों पर आत्मविश्वास की चमक और भविष्य के प्रति दृढ़ संकल्प स्पष्ट दिखाई दिया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि अवसर मिलने पर प्रतिभा स्वयं अपना मार्ग प्रशस्त करती है।
समारोह के अंत में यह संकल्प लिया गया कि प्रत्येक छात्रा को मंच, अवसर और सम्मान प्रदान किया जाएगा, जिससे नारी शक्ति का नवजागरण निरंतर आगे बढ़ता रहे।



















