“भगवान विश्वकर्मा के यूपी वर्जन हैं पीडब्लूडी वाले सहायक, तभी तो लड़ रहे सांसद- विधायक”

Estimated reading time: 1 minute

• गजब तमाशा
गोरखपुर।
जिले के लोकनिर्माण विभाग के एक सहायक अभियंता के खिलाफ भाजपा के स्थानीय सदर विधायक ने शिकायत का मोर्चा क्या खोला भाजपा के ही स्थानीय सदर सांसद सहित 5 भाजपा विधायक परोक्ष रूप से अपने साथी विधायक का विरोध करते हुए उस अभियंता के समर्थन में लामबंद हो गए और उन पर कार्यवाही होने से क्षेत्र के विकास पर पड़ने वाले दुष्परिणामों पर विस्तृत प्रकाश डालने लगे। अब इससे तो इनकार नहीं किया जा सकता कि जहाँ मामला “निर्माण” और “ठेकदार” के बीच हो जाये वहाँ भ्रष्टाचार की छोटी-बड़ी जड़ें जम ही जाती हैं क्योंकि मौका भी होता है और दस्तूर भी.. ऐसे माहौल में ये सवाल उठना लाजिमी है कि “ये रिश्ता क्या कहलाता है?” क्योंकि इन्हीं माननीयों के अनुसार कल तक तो कोई अधिकारी इनकी नहीं सुनता था और आज ये एक अधिकारी के लिए लामबंद खड़े हैं..

अब अगर सदर विधायक की बात मानें तो साफ दिख रहा है कि उक्त अभियंता के गैरजिम्मेदाराना रवैये से शहर की कुछ कॉलोनियां जलमग्न हो गई हैं लेकिन यदि सदर सांसद के साथ पिपराइच, गोरखपुर ग्रामीण, चौरीचौरा, कैम्पियरगंज और सहजनवां के विधायकगण की बात पर गौर करें तो उक्त सहायक अभियंता तो स्वयं “भगवान विश्वकर्मा” के “यूपी वर्जन” हैं जिनकी अनुपस्थिति जिले के विकास कार्य को ही बाधित कर देगी..!

अब ऐसे में ये सवाल तो उठेगा कि जिस कर्मयोगी अभियंता की तारीफ में इतने जिम्मेदार जनप्रतिनिधि स्वस्तिवाचन कर रहे हैं उसने उनके क्षेत्रों में आखिर ऐसा क्या अद्भुत कर दिया है जो दूसरा अभियंता नहीं कर पाता..!! कुछ कालोनियों में उनकी गलती से हुआ जलजमाव तो उनके खिलाफ वाजिब आक्रोश की गवाही दे रहा है लेकिन उनकी अद्भुत कार्यकुशलता के वो नायाब शाहकार आखिर किस-किस विधानसभा क्षेत्र में स्थित है जिस पर अभी तक लोगों की निगाह नहीं जा पा रही है और उसे सिर्फ ये विधायकगण ही देख पा रहे, क्योंकि विकास के भूखे इन विधायकों के क्षेत्र की अधिकांश सड़कें तो पिछले तीन सालों से आज भी गिट्टी और डामर की खुराक के लिए बेचैन हैं और गढ्ढे खुद को पाटे जाने को लेकर परेशान..

फिर भी, चूंकि अभियंता का विरोध और समर्थन कर रहे ये सभी विधायकगण भाजपा के जनप्रतिनिधि हैं तथा मा० मुख्यमंत्री के विशेष स्नेहप्राप्त भी हैं, सिवाय चौरीचौरा विधायक के, इसलिए किसी पर भी अविश्वास नहीं किया जा सकता। अतः सबके सम्मान की रक्षा के साथ इस समस्या के बेहतर निदान के लिए सरकार को सर्वप्रथम मा० सदर विधायक जी की शिकायत पर कार्यवाही करते हुए उक्त सहायक अभियंता को स्थानांतरित कर देना चाहिए तत्पश्चात अन्य जनप्रतिनिधियों का उन अभियंता के प्रति विशेष लगाव और उनकी पैरवी का सम्मान करते हुए उसे अपने विशेषाधिकार से प्रदेश की मार्गों से संबंधित सभी परियोजनाओं का मुखिया बना देना चाहिए.. क्योंकि यदि वाकई वो प्रदेश के विलक्षण प्रतिभाशाली और अनूठे अभियंता हैं तो उनकी विलक्षण प्रतिभा का लाभ सिर्फ गोरखपुर जनपद को ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश को मिलना चाहिए ताकि अपने अद्भुत और उत्कृष्ट कार्यकौशल से वो पूरे प्रदेश को विकास की नई दिशा दिखा सकें..।

“दण्ड में भी पुरस्कार” के इस अचूक उपाय से सबकी प्रतिष्ठा भी बच जायेगी, समर्थक विधायक गणों के व्यक्तिगत और व्यवसायिक (यदि हों तो) रिश्ते भी बने रहेंगे और जिले तथा प्रदेश का विकास कार्य भी बाधित नहीं होगा।

• भानु प्रताप सिंह गोरखपुर के फेसबुक वॉल से जैसा कि उन्होंने लिखा है।

Chai Panchayat

खबरें नए गोरखपुर की

Recent Posts

मिशन शक्ति अभियान–फेज 5 में उल्लेखनीय कार्य पर छह पुलिसकर्मी सम्मानित

गोरखपुर। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संचालित मिशन…

1 month ago

विकसित भारत–जी राम जी योजना से गांवों को मिलेगी नई दिशा : कमलेश पासवान

125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी, ग्रामीण विकास को मिलेगी गति देवरिया। जनपद के…

1 month ago

2027 में फिर सरकार, 2047 में विकसित भारत का संकल्प साकार करें : पंकज चौधरी

मैं कार्यकर्ता-उन्मुख नेता, संगठन और कार्यकर्ता मेरे लिए सर्वोपरि : प्रदेश अध्यक्ष गोरखपुर। भारतीय जनता…

1 month ago

भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का होगा अभूतपूर्व स्वागत

गोरखपुर। भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के गोरखपुर आगमन पर भव्य…

1 month ago

10वीं तक विद्यालय शुक्रवार को रहेंगे बंद

गोरखपुर। जनपद में पड़ रही भीषण ठंड और शीतलहरी को देखते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा…

1 month ago

नो हेलमेट, नो ईंधन पर सख्ती, 17 जनवरी तक चलेगा विशेष अभियान

गोरखपुर। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य…

1 month ago