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गोरखपुर। बांसगांव लोकसभा क्षेत्र के भाजपा सांसद कमलेश पासवान और उनके छोटे भाई विधायक विमलेश पासवान ने पितृ विसर्जन की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर साझा किया है। श्राद्ध कर्म करते उन्होंने लिखा है ‘ आज स्व. पिता जी सहित सभी पूर्वजों को पिंडदान कर पुत्र धर्म निभाते हुए सभी के प्रति कृतज्ञता अर्पित किया।” पारंपरिक तरीके से अपने पुस्तैनी मकान पर पिंडदान करते हुए सांसद के साथ उनकी माता पूर्व सांसद सुभावती पासवान भी बैठी हैं। सांसद की तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड कर रही है।
इस साल पितृपक्ष 13 सितंबर से शुरू हुए हैं। ऐसी मान्यता है कि इन दिनों में हमारे पितर पितृलोक से पृथ्वीलोक पर आते हैं। वैसे तो प्रत्येक मास की अमावस्या को श्राद्ध कर्म किया जा सकता है, लेकिन भाद्रपद मास की पूर्णिमा से लेकर आश्विन मास की अमावस्या तक पूरा पखवारा श्राद्ध कर्म करने का विधान है। पितृपक्ष 13 से शुरू होकर 28 सितंबर को पितृविसर्जन के साथ समाप्त होगा। पिता के लिए अष्टमी तो माता के लिये नवमी की तिथि श्राद्ध करने के लिये उपयुक्त मानी जाती है।
कहा जाता है कि श्राद्ध में ब्राह्मण को भोजन जरूर करवाना चाहिए। आपको बता दें कि इस बार 14 को प्रतिपदा और 15 सितम्बर को द्वितीया का श्राद्ध और 28 सितम्बर को सर्व पितृ अमावस्या का श्राद्ध होगा। 16 को मध्याह्न तिथि न मिलने के कारण श्राद्ध नहीं हो सका था।
सांसद के पिता, पूर्व विधायक स्व. ओम प्रकाश पासवान पूर्वांचल के कद्दावर नेता थे। 25 मार्च 1996 को बांसगांव के मालहनपर कसबे में चुनावी सभा को संबोधित करते समय बम मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। गोरखपुर की राजनीति में पासवान परिवार का अलग वर्चस्व है।
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