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‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ के रूप में संभाला कार्यभार, पहले व्याख्यान में विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर सीखने का दिया संदेश
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शनिवार को एक नई शुरुआत हुई। विश्वविद्यालय के ललित कला एवं संगीत विभाग में सांसद एवं अभिनेता रवि किशन शुक्ला ने ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। अपने पहले व्याख्यान में उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि “मिट्टी के घर से संसद तक का मेरा सफर अटूट आत्मविश्वास, संघर्ष और निरंतर परिश्रम की बदौलत संभव हुआ है।”

उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति के भीतर कुछ कर गुजरने का जज्बा और अपनी क्षमता पर विश्वास हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता। अपने जीवन के संघर्षों को साझा करते हुए रवि किशन ने विद्यार्थियों से हर चुनौती का डटकर सामना करने और लगातार सीखते रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गोरखपुर के युवाओं में अपार प्रतिभा है और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए वह हरसंभव सहयोग करेंगे।
रवि किशन ने कहा कि वह ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ की जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाएंगे। कक्षाओं में नियमित उपस्थिति, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण संवाद पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को उनके व्यावहारिक अनुभवों का पूरा लाभ मिल सके।

विभागाध्यक्ष एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दुबे ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके कलाकार का विश्वविद्यालय से जुड़ना विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी अवसर है। उनके अनुभव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और व्यावसायिक कौशल को नई दिशा देंगे।
व्याख्यान के बाद आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने अभिनय, कला, करियर, संघर्ष और सफलता से जुड़े सवाल पूछे, जिनका रवि किशन ने विस्तार से जवाब दिया। कार्यक्रम में प्रो. उषा सिंह, डॉ. गौरी शंकर चौहान, डॉ. प्रदीप साहनी, डॉ. प्रदीप राजोरिया सहित विभाग के शिक्षक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

