पं. हरिशंकर तिवारी की जयंती पर गंगोत्री देवी महिला महाविद्यालय में श्रद्धांजलि, छात्राओं को साइबर सुरक्षा का पाठ

Estimated reading time: 1 minute

महिला शिक्षा और जनसेवा के प्रबल पक्षधर थे पं. हरिशंकर तिवारी : आशुतोष मिश्र

सेवा और संघर्ष की विरासत नई पीढ़ी को करती रहेगी प्रेरित : डॉ. पूनम शुक्ला

गोरखपुर। गंगोत्री देवी महिला महाविद्यालय में बुधवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं पूर्वांचल के प्रमुख जननेता स्वर्गीय पं. हरिशंकर तिवारी की 91वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। महाविद्यालय परिवार ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर जनसेवा, महिला शिक्षा और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के व्यवस्थापक आशुतोष मिश्र मुख्य अतिथि, पूर्व प्रधानाचार्य लोरीटा याकूब विशिष्ट अतिथि रहीं। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. पूनम शुक्ला ने की। संचालन नर्सिंग विभाग के प्रधानाचार्य प्रकाश सिंह चौधरी ने किया।
मुख्य अतिथि आशुतोष मिश्र ने कहा कि पं. हरिशंकर तिवारी का सार्वजनिक जीवन जनहित और समाजसेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने राजनीति को जरूरतमंदों की सहायता और जनसरोकारों के समाधान का माध्यम बनाया। महिला शिक्षा के प्रति उनकी सोच दूरदर्शी थी। उनका मानना था कि बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाए बिना समाज का समग्र विकास संभव नहीं है।


विशिष्ट अतिथि लोरीटा याकूब ने कहा कि पं. तिवारी ने बालिका शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव माना।
प्राचार्य डॉ. पूनम शुक्ला ने कहा कि पं. हरिशंकर तिवारी पूर्वांचल के सामाजिक और राजनीतिक जीवन के प्रभावशाली व्यक्तित्व थे। उनकी सेवा, संघर्ष और जनसरोकारों की विरासत हमेशा नई पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने छात्राओं से शिक्षा के साथ तकनीकी बदलावों और डिजिटल माध्यमों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
इस अवसर पर छात्राओं के लिए साइबर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। साइबर एक्सपर्ट पुलिस उप निरीक्षक वैभव विश्वकर्मा, निशी श्रीवास्तव, प्रगति यादव और शिवानी मौर्या ने छात्राओं को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी, फर्जी पुलिस व जांच एजेंसी बनकर किए जाने वाले वीडियो कॉल, ओटीपी और निजी जानकारी साझा करने से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी।

पुलिसकर्मियों ने बताया कि कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। किसी भी संदिग्ध कॉल से डरकर बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य निजी दस्तावेज साझा नहीं करने चाहिए। साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम में शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्राओं ने पं. हरिशंकर तिवारी के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर महाविद्यालय एवं नर्सिंग संस्थान के शिक्षक-कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

Leave a Reply