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कैंट में दो और पीपीगंज थाने में एक तहरीर, नेहा बोरा के साथ कार्यक्रम आयोजकों पर भी कार्रवाई की मांग; इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो की जांच में जुटी पुलिस
गोरखपुर। सिविल लाइंस स्थित गोकुल अतिथि भवन में 14 सितंबर को आयोजित जेन-जी महाजुटान कार्यक्रम में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा की मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को प्रकरण में कैंट थाने में दो अलग-अलग शिकायतें दी गईं, जबकि पीपीगंज थाने में भी एक तहरीर दी गई। शिकायतकर्ताओं ने नेहा बोरा के साथ कार्यक्रम के आयोजकों के विरुद्ध भी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो और प्राप्त शिकायतों के आधार पर प्रकरण की जांच कर रही है। वन भारत सिटीजन (ओबीसी) पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष काली शंकर यदुवंशी मंगलवार को कार्यकर्ताओं के साथ कैंट थाने पहुंचे। उन्होंने तहरीर देकर नेहा बोरा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि 14 सितंबर को गोकुल अतिथि भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के विरुद्ध आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया। उन्होंने गोरखपुर की ऐतिहासिक एवं धार्मिक पहचान से जुड़े कथित बयान पर भी आपत्ति जताई और कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस संबंध में अन्य समाचार माध्यमों ने भी काली शंकर की शिकायत की पुष्टि की है। इसी मामले में विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष जनार्दन मिश्रा जे.डी. के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कैंट थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दी। संगठन ने भाषण की वीडियो रिकॉर्डिंग सहित उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर आरोप सही पाए जाने पर विधिक कार्रवाई की मांग की है। उधर, भाजपा युवा मोर्चा पीपीगंज मंडल के अध्यक्ष आदर्श सिंह ने मंगलवार को पीपीगंज थाने में तहरीर दी। उन्होंने नेहा बोरा के कथित बयान पर आपत्ति जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
शिक्षा, रोजगार और परीक्षा व्यवस्था के मुद्दे उठाने पहुंची थीं नेहा बोरा
गोकुल अतिथि भवन में आयोजित जेन-जी महाजुटान में शिक्षा, बेरोजगारी, परीक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दे उठाए गए थे। कार्यक्रम में नेहा बोरा ने भी संबोधित किया था। कार्यक्रम के दौरान दिए गए उनके भाषण का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मुख्यमंत्री के विरुद्ध कथित आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर विवाद शुरू हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए थे।
नेहा बोरा के भाषण से जुड़े प्रसारित वीडियो को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। इसलिए पुलिस जांच में मूल वीडियो और कार्यक्रम की पूरी रिकॉर्डिंग की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। शिकायतकर्ताओं की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
कौन हैं नेहा बोरा
नेहा बोरा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पीएचडी शोधार्थी हैं। वह छात्र एवं युवा आंदोलनों में सक्रिय रही हैं। इंडियन एक्सप्रेस ने अगस्त 2026 में उनके साथ प्रकाशित साक्षात्कार में उन्हें आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और जेएनयू की शोधार्थी के रूप में परिचित कराया था। रिपोर्ट के अनुसार, आइसा ने इसी वर्ष ‘जेन-जी राइजिंग’ अभियान शुरू किया था, जिसके तहत बोरा ने विभिन्न राज्यों में छात्रों और युवाओं से संवाद किया।
उनकी सक्रियता शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था, रोजगार और छात्र अधिकारों से जुड़े मुद्दों तक रही है। जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन में भी उनकी भूमिका रही। अगस्त 2026 में इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उन्होंने छात्र आंदोलनों, राजनीतिक जवाबदेही और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी थी।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
गोरखपुर में हुए कार्यक्रम के बाद सामने आए वीडियो और शिकायतों के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में वीडियो की प्रामाणिकता, भाषण का पूरा संदर्भ और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि की जाएगी। फिलहाल किसी आरोप को पुलिस की जांच पूरी होने से पहले प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।



