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शिक्षा में राजनीति का स्थान नहीं, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से गढ़ें भविष्य: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

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सैफई होत्सवबग्घी पर खर्च रकम शिक्षा में लगती तो लाखों बच्चों का भविष्य संवरता : योगी

 

शिक्षक दिवस पर 81 शिक्षकों को राज्य अध्यापक व मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार से किया सम्मानित

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा में राजनीति का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। राजनीति के चश्मे से देखने वालों को वर्ष 2017 के बाद प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आया आमूलचूल बदलाव दिखाई नहीं देगा। शिक्षकों को उत्कृष्टता और नवाचार के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आगे बढ़ानी चाहिए। यही प्रतिस्पर्धा प्रदेश और देश का भविष्य तय करेगी।

मुख्यमंत्री शनिवार को शिक्षक दिवस पर योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित राज्य अध्यापक पुरस्कार एवं मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान बेसिक शिक्षा विभाग के 61 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20, कुल 81 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी शिक्षकों को अपने हाथों से पुरस्कार प्रदान किए और उनसे आत्मीय संवाद कर बधाई दी।

सैफई महोत्सव की रकम शिक्षा में लगती तो बदलता भविष्य

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले भी बेसिक और माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता था, लेकिन तत्कालीन सरकारों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि जितना पैसा सैफई महोत्सव में खर्च किया जाता था, उसका थोड़ा हिस्सा भी शिक्षा की ओर मोड़ा जाता तो लाखों बच्चों का भविष्य संवर सकता था। इसी तरह बकिंघम की बग्घी मंगाकर जन्मदिन मनाने में जितना खर्च किया गया, उतनी राशि शिक्षा पर लगती तो बच्चों के सामने पहचान का संकट नहीं आता।

टिप्पणी करना आसान, करके दिखाना मुश्किल

योगी ने कहा कि चुनावी घोषणा करना आसान है, लेकिन स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी बनाना कठिन काम है। 1.60 करोड़ बच्चों के खातों में डीबीटी के माध्यम से धन पहुंचाना आसान नहीं था, लेकिन सरकार ने यह करके दिखाया। संस्कृत की छठी कक्षा से आचार्य स्तर तक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति से जोड़ने, प्रोजेक्ट अलंकार और ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से विद्यालयों की तस्वीर बदलने जैसे कार्य भी किए गए। टिप्पणी करना बहुत आसान है, लेकिन करके दिखाना मुश्किल होता है।

दूसरे राज्यों के वीडियो से यूपी को बदनाम करने का प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को बदनाम करने के लिए दुष्प्रचार किया जा रहा है। दूसरे राज्य के जर्जर विद्यालय भवन का वीडियो झांसी का बताकर चलाया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को स्मार्ट क्लास, ऑपरेशन कायाकल्प और शिक्षा क्षेत्र में हुए व्यापक बदलाव दिखाई नहीं देते। हमारी प्रतिस्पर्धा चुनावी घोषणाएं करने वालों से नहीं, बल्कि समय से है।

उन्होंने शिक्षकों से कहा कि जिस बच्चे को वे पढ़ा रहे हैं, उसके भविष्य में हुई चूक को वापस नहीं सुधारा जा सकता। इसलिए सही समय पर सही दिशा में निर्णय लेने की आदत विकसित करनी होगी। बदलती तकनीक के साथ शिक्षा व्यवस्था को भी आगे बढ़ाना होगा। एआई, रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक के अनुरूप शिक्षकों और विद्यार्थियों को तैयार करना समय की आवश्यकता है।

2017 से पहले दंगा-कर्फ्यू का माहौल

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले उपद्रव, कर्फ्यू, दंगे और अराजकता के माहौल में स्कूल-कॉलेज चलने की कल्पना भी मुश्किल थी। अब प्रदेश में ऐसा कोई संकट नहीं है। उन्होंने जन्माष्टमी का उदाहरण देते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में आयोजन हुए। सभी 1586 थानों, देव मंदिरों, 75 जिलों की पुलिस लाइनों, जेलों और गांव-मोहल्लों में कार्यक्रम हुए, लेकिन कहीं दंगा या कर्फ्यू की स्थिति नहीं बनी।

नकल के अड्डों से बदली शिक्षा व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले स्कूल-कॉलेज नकल के अड्डे बन गए थे और ठेके पर नकल होती थी। इससे युवाओं के सामने पहचान का संकट पैदा हुआ था। अब उत्तर प्रदेश के युवाओं और शिक्षकों को देशभर में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। प्रदेश की बदली धारणा के महत्वपूर्ण वाहक शिक्षक हैं। उन्होंने कहा कि शिष्य का योग्य और संस्कारी बनना ही गुरु की सबसे बड़ी गुरु दक्षिणा है।

शिक्षक, टैलेंट और ट्रांसफॉर्मेशन पर जोर

योगी ने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में टीचर, टैलेंट और ट्रांसफॉर्मेशन को जोड़ा गया है। शिक्षक के सम्मान, विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर 18 हजार और अनुदेशकों का 17 हजार रुपये किया गया है। शिक्षकों, शिक्षणोत्तर कर्मचारियों और उनके परिवारों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

राज्य अध्यापक पुरस्कार की राशि भी 10 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये की गई है। सेवा संबंधी मामलों में पारदर्शिता के लिए ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट पोर्टल विकसित किया गया है। निपुण भारत अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और अब इसे कक्षा पांच तक संचालित किया जाएगा।

32 हजार से अधिक स्कूलों में स्मार्ट क्लास

मुख्यमंत्री ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा में पुराने और जर्जर विद्यालय भवनों के स्थान पर नए भवनों के लिए 1500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध कराई गई है। इससे 2100 से अधिक नए भवन तैयार हुए हैं। प्रत्येक जिले में दो-दो मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय बनाए जा रहे हैं। इन्हें आगे तहसील स्तर तक ले जाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के 32 हजार से अधिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 15 हजार से अधिक में आइसीटी लैब और 1129 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा चुकी हैं। 2.61 लाख से अधिक शिक्षकों को टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। क्लीन एंड ग्रीन स्कूल की दिशा में किए गए प्रयासों के चलते वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 12 विद्यालयों को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है।

तकनीक से घट रहा शहर-गांव का अंतर

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट क्लास पहुंचने से शहर और गांव का अंतर कम हुआ है। डिजिटल लाइब्रेरी ने गरीब और अमीर के बीच की खाई को पाटने का काम किया है। रोबोटिक्स, थ्री-डी प्रिंटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों की ट्रेनिंग के लिए विद्यालयों को तैयार किया जा रहा है। तकनीक सामाजिक और आर्थिक भेदभाव समाप्त करने का प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा में करीब 56 लाख विद्यार्थी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में शामिल होते हैं। पहले परीक्षा और परिणाम में लंबा समय लगता था, जिससे विद्यार्थियों को दूसरे राज्यों में प्रवेश लेने में परेशानी होती थी। अब समय से परीक्षा और समय से परिणाम घोषित किया जा रहा है।

मशीन जवाब दे सकती है, सवाल पूछना नहीं सिखा सकती

योगी ने कहा कि तकनीक के बढ़ते प्रयोग के बावजूद कोई मशीन शिक्षक का स्थान नहीं ले सकती। मशीन सवाल का जवाब दे सकती है, लेकिन सवाल पूछना नहीं सिखा सकती। प्रश्न पूछने की जिज्ञासा शिक्षक ही पैदा करता है। एआई संस्कार नहीं दे सकता, संस्कार शिक्षक ही दे सकता है।

उन्होंने कहा कि आज जिन बच्चों को शिक्षक पढ़ा रहे हैं, उनमें से ही कोई भविष्य में शिक्षक, चिकित्सक, अधिवक्ता, प्रशासनिक अधिकारी, वैज्ञानिक, इंजीनियर या देश का नेतृत्वकर्ता बनेगा। बच्चों को दिए गए संस्कार और अनुशासन के आधार पर वे अपने शिक्षकों को जीवनभर याद रखेंगे।

डॉ. राधाकृष्णन को किया याद

मुख्यमंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद करते हुए प्रदेशवासियों और शिक्षकों को शिक्षक दिवस की बधाई दी। उन्होंने वेदव्यास, चाणक्य, सुश्रुत, चरक और आर्यभट्ट जैसे महान विद्वानों के योगदान का उल्लेख करते हुए गुरु की महत्ता पर प्रकाश डाला।

शिक्षा और शिक्षक मुख्यमंत्री की प्राथमिकता : गुलाब देवी

माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने कहा कि शिक्षा और शिक्षक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में हैं। शिक्षकों के कल्याण के लिए कैशलेस चिकित्सा सहित अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के मार्गदर्शन में यूपी बोर्ड ने शुचिता और पारदर्शिता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। नकलविहीन परीक्षा के साथ रिकार्ड समय में परिणाम घोषित किए जा रहे हैं।

बेसिक शिक्षा में हुआ उल्लेखनीय बदलाव : संदीप सिंह

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में पिछले नौ वर्षों में बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। शिक्षा को डिजिटल तकनीक से जोड़कर वर्तमान और भविष्य के अनुकूल बनाया गया है। प्रदेश में 150 मुख्यमंत्री मॉडल विद्यालयों का निर्माण 4500 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के हित में सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

स्टालों का अवलोकन किया

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने लर्न बाई डूइंग, समावेशी शिक्षा, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और अटल टिंकरिंग लैब की जानकारी ली। स्टालों पर मौजूद शिक्षकों और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन भी किया।

समारोह में मत्स्य विभाग के मंत्री संजय निषाद, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी, विधायक श्रीराम चौहान, फतेह बहादुर सिंह, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थसारथी सेन शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता सहित अन्य प्रमुख लोग उपस्थित रहे।

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