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सपा कार्यालय में लोकनायक जयप्रकाश नारायण और महाराजा अग्रसेन की जयंती मनाई गई, चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
गोरखपुर। समाजवादी आंदोलन के प्रमुख स्तंभ और संपूर्ण क्रांति के उद्घोषक लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर शनिवार को समाजवादी पार्टी के बेतियाहाता स्थित कार्यालय में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस अवसर पर महाराजा अग्रसेन की जयंती भी मनाई गई। निवर्तमान जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दोनों महापुरुषों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने उनके विचारों, संघर्षों और समाज के प्रति योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
निवर्तमान जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर लोकतंत्र की मजबूती और सामाजिक न्याय की स्थापना तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह ऐसे जननायक थे, जिन्होंने सत्ता और व्यवस्था में बदलाव के लिए संपूर्ण क्रांति का आह्वान किया। उनका मानना था कि समाज में वास्तविक परिवर्तन लाने के लिए केवल सत्ता परिवर्तन पर्याप्त नहीं है, बल्कि नैतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक, राजनीतिक और शैक्षणिक क्षेत्रों में भी बुनियादी बदलाव जरूरी हैं। व्यवस्था को बेहतर बनाने की शुरुआत व्यक्ति के स्वयं के आचरण और विचारों में सुधार से होनी चाहिए। उनके विचार आज भी समाज और राजनीति को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं।
पूर्व जिलाध्यक्ष डा. मोहसिन खान और अवधेश यादव ने कहा कि जयप्रकाश नारायण ने अपने विचारों, संघर्ष और व्यक्तित्व से भारतीय राजनीति पर गहरी छाप छोड़ी। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर वर्ष 1977 तक विभिन्न आंदोलनों में उनकी भूमिका ने उन्हें जन-जन का नेता बनाया। वह केवल राजनीतिक परिवर्तन के पक्षधर नहीं थे, बल्कि मानवीय मूल्यों, सामाजिक समानता और नैतिकता पर आधारित व्यवस्था के समर्थक भी थे। सादगीपूर्ण जीवन और मर्यादित सार्वजनिक आचरण उनकी पहचान थी। उनके संघर्षों और समाजवादी विचारधारा से आज भी प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम का संचालन निवर्तमान महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी और निवर्तमान जिला महासचिव रामनाथ यादव ने किया। इस दौरान बृजनाथ मौर्य, पुजारी यादव, राघवेंद्र तिवारी, राजू, आशुतोष गुप्ता, चंद्रभान प्रजापति, सोहराब खान, भृगुनाथ निषाद, बालेन्द्र यादव, सच्चिदानंद यादव, सर्वेश यादव, अजय यादव, सहादत अली सिद्दीकी, शकील शाही, छविनाथ यादव, मोहम्मद अली, अनिल भारती, फिरदौस आलम, रमेश सोनकर और रजी अहमद सहित अन्य नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
