गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ की विजयादशमी शोभायात्रा, मुस्लिम और बुनकर समाज ने की पुष्पवर्षा

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गोरखनाथ मंदिर से मानसरोवर रामलीला मैदान तक निकली भव्य शोभायात्रा, मुख्यमंत्री योगी ने किया भगवान श्रीराम का राजतिलक

गोरखपुर। सत्य, न्याय और धर्म की विजय के प्रतीक विजयादशमी पर्व पर मंगलवार को गोरखपुर में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पारंपरिक विजयादशमी शोभायात्रा आस्था, उल्लास और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ निकली। गोरखनाथ मंदिर से मानसरोवर रामलीला मैदान तक निकली शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। मुस्लिम और बुनकर समाज के लोगों ने भी गोरक्षपीठाधीश्वर का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। शोभायात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने मानसरोवर मंदिर में भगवान शिव का पूजन-अभिषेक किया और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद रामलीला मैदान में भगवान श्रीराम का राजतिलक कर आरती उतारी।

गोरखनाथ मंदिर से निकली विजयादशमी शोभायात्रा

गोरक्षपीठ की प्राचीन परंपरा के अनुसार मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद फूलों से सजे रथ पर सवार होकर विजयादशमी शोभायात्रा की अगुवाई की। नाथपंथ के पारंपरिक वाद्ययंत्र नागफनी, तुरही, नगाड़े और डमरू की गूंज के बीच शोभायात्रा आगे बढ़ी। बैंड-बाजे की धुन और हनुमान दल के बालकों के हैरतअंगेज करतब आकर्षण का केंद्र रहे। मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग गोरक्षपीठाधीश्वर की एक झलक पाने के लिए खड़े रहे।

मुस्लिम और बुनकर समाज ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत

गोरखनाथ मंदिर से शोभायात्रा आगे बढ़ने पर मुस्लिम और बुनकर समाज के लोगों ने पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया। उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के पूर्व अध्यक्ष चौधरी कैफुलवरा ने गोरक्षपीठाधीश्वर का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने उनका अभिवादन स्वीकार करते हुए उन्हें और समाज के लोगों को शारदीय नवरात्र के अनुष्ठान का प्रसाद दिया। लोगों ने प्रसाद को माथे से लगाकर श्रद्धा व्यक्त की।

चौधरी कैफुलवरा ने बताया कि उनका परिवार पीढ़ियों से गोरक्षपीठाधीश्वर की विजयादशमी शोभायात्रा का स्वागत करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि गोरक्षपीठ मत और मजहब के भेद से परे सभी को मानवता के दृष्टिकोण से देखती है।

इसके बाद बुनकर वेलफेयर सोसायटी के बैनर तले उत्तर प्रदेश हज कमेटी के सदस्य जुनैद अहमद अंसारी, अजीजुल हई समेत बड़ी संख्या में बुनकरों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान मकानों की छतों और रास्ते के किनारे खड़ी मुस्लिम महिलाएं और बच्चे मोबाइल फोन से शोभायात्रा की तस्वीरें लेते नजर आए।

सिंधी समाज ने भी किया भव्य स्वागत

शोभायात्रा श्री झूलेलाल मंदिर के समीप पहुंची तो सिंधी समाज के लोगों ने फूल बरसाकर गोरक्षपीठाधीश्वर का अभिनंदन किया। इसके बाद मानसरोवर मंदिर तक विभिन्न स्थानों पर स्वागत का सिलसिला जारी रहा। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं का उत्साह और शोभायात्रा को देखने की उत्सुकता दिखाई दी।

मानसरोवर मंदिर में भगवान शिव का पूजन-अभिषेक

जय श्रीराम के उद्घोष और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन के बीच विजयादशमी शोभायात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंची। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवाधिदेव महादेव सहित अन्य देव विग्रहों की वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान शिव का अभिषेक कर प्रदेश और समाज के कल्याण की कामना की।

मानसरोवर मंदिर में पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने रामलीला मैदान के बाहर संविधान शिल्पी भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंची, जहां लोगों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया।

मुख्यमंत्री योगी ने किया भगवान श्रीराम का राजतिलक

मानसरोवर रामलीला मैदान में चल रही रामलीला के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीराम का राजतिलक किया। इसके साथ ही उन्होंने प्रभु श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमान जी का पूजन कर आरती उतारी। इस तरह गोरक्षपीठ में शिवावतार गुरु गोरखनाथ के पूजन से शुरू हुई विजयादशमी की परंपरा भगवान श्रीराम के राजतिलक के साथ संपन्न हुई।

लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन

विजयादशमी शोभायात्रा के स्वागत में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोक कलाकारों के 10 दलों ने पारंपरिक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति और देशज कलाओं की विविधता देखने को मिली।

अयोध्या के वैभव मिश्रा के दल ने गोरखनाथ थाने के पास शंख वादन किया। अयोध्या की संगीता वर्मा के दल ने बधावा नृत्य और बांदा के कृष्णपाल ग्रुप ने पाई डंडा की प्रस्तुति दी। गोरखपुर के विंध्याचल आजाद ग्रुप ने लोक नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि सोनभद्र के महेंद्र गुरमुरा ग्रुप ने बाटा शोरूम के पास अपनी कला का प्रदर्शन किया।

मथुरा के कृष्णकांत शर्मा के दल ने मयूर नृत्य और गोरखपुर के धर्मवीर यादव ग्रुप ने झूलेलाल मंदिर के सामने फरुवाही नृत्य प्रस्तुत किया। प्रयागराज की सीमा त्रिपाठी के दल ने देढ़िया नृत्य, गोरखपुर की मोनी सहनी के दल ने रास नृत्य और राकेश कुमार के दल ने रामलीला मैदान के बाहर जनजातीय नृत्य की प्रस्तुति देकर लोगों का मन मोह लिया।

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