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गोरखपुर। गोरखपुर नगर निगम के शाहपुर क्षेत्र से निर्वाचित भाजपा पार्षद ज्ञानती देवी का निर्वाचन न्यायालय ने निरस्त कर दिया है। एडीजे (फास्ट ट्रैक) कोर्ट ने चुनाव याचिका पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। अदालत ने माना कि नामांकन के दौरान दाखिल शपथ पत्र में आवश्यक तथ्यों का पूर्ण एवं सही विवरण प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता प्रभावित हुई।
यह चुनाव याचिका प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी की ओर से दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें और अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने पाया कि शपथ पत्र में महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा नहीं किया गया था। इसे निर्वाचन नियमों का उल्लंघन मानते हुए अदालत ने पार्षद का निर्वाचन निरस्त कर दिया।
न्यायालय के फैसले के बाद संबंधित वार्ड की सीट को लेकर आगे की कार्रवाई निर्वाचन आयोग एवं नगर निगम प्रशासन के स्तर पर की जाएगी। नियमानुसार अब रिक्त हुई सीट पर आगे की निर्वाचन प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
इस निर्णय के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। चुनावी प्रक्रिया में प्रत्याशियों द्वारा शपथ पत्र में सही और पूर्ण जानकारी देने की अनिवार्यता एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है।

