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एसटीएफ ने पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर चार पिस्टल व रिवाल्वर बरामद किए; मध्य प्रदेश और हरियाणा से गोरखपुर लाकर पूर्वांचल में बेचते थे अवैध हथियार
गोरखपुर। गोरखपुर में अवैध हथियार तस्करी का तरीका बदल रहा है। दूसरे राज्यों से पिस्टल मंगाकर गोरखपुर और आसपास के जिलों में बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का एसटीएफ ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के सदस्य इंस्टाग्राम के माध्यम से हथियारों के ग्राहक तलाशते थे। एसटीएफ ने सोमवार रात पैडलेगंज से मोहद्दीपुर जाने वाली सड़क पर विंध्यवासिनी पार्क के पास पांच तस्करों को गिरफ्तार किया। उनके पास से चार .32 बोर पिस्टल, चार मैगजीन, एक .32 बोर रिवाल्वर और पांच कारतूस समेत अन्य सामान बरामद हुआ।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान श्रेयांश यादव उर्फ बबलू, अजीत यादव, अभिषेक गौड़ उर्फ भोली, अभिषेक प्रजापति उर्फ अभी और राहुल गुप्ता के रूप में हुई है। इनके पास से मोटरसाइकिल, स्कूटी, दो एंड्रायड मोबाइल फोन और 1,250 रुपये भी मिले।
मध्य प्रदेश और हरियाणा से गोरखपुर पहुंचते थे हथियार
एसटीएफ के अनुसार गिरोह के तार मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा और हरियाणा के सोनीपत से जुड़े हैं। वहां से अवैध पिस्टल खरीदकर गोरखपुर लाई जाती थीं। इसके बाद कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज, संतकबीरनगर समेत पूर्वांचल के अन्य जिलों में हथियारों की आपूर्ति की जाती थी।
पहले गोरखपुर से दूसरे क्षेत्रों में अवैध हथियार भेजे जाने के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन इस गिरोह की जांच में तस्करी की दिशा बदलने की बात सामने आई है। अब दूसरे राज्यों से हथियार गोरखपुर पहुंचाकर यहां से पूर्वांचल में खपाए जा रहे थे।
इंस्टाग्राम से 100 से 150 पिस्टल बेचने का दावा
पूछताछ में एसटीएफ को पता चला कि गिरोह इंस्टाग्राम के माध्यम से हथियारों के खरीदार तलाशता था। एसटीएफ के अनुसार आरोपितों ने पूर्वांचल में करीब 100 से 150 अवैध पिस्टल बेचने या सप्लाई करने की जानकारी दी है।
मध्य प्रदेश के सेंधवा से पिस्टल 15 हजार से 40 हजार रुपये में खरीदी जाती थीं। गोरखपुर और आसपास के जिलों में इन्हें बेचकर प्रति पिस्टल 15 से 20 हजार रुपये तक मुनाफा कमाया जाता था।
कई जिलों में फैला नेटवर्क
एसटीएफ के अनुसार गिरोह ने गोरखपुर समेत आसपास के जिलों में कई लोगों को हथियार उपलब्ध कराए। कैंपियरगंज और खलीलाबाद में दर्ज शस्त्र अधिनियम के मामलों में बरामद पिस्टल भी इसी नेटवर्क से जुड़ी होने की जानकारी सामने आई है। गोरखनाथ क्षेत्र के राजकुमार चौहान हत्याकांड में प्रयुक्त हथियार की आपूर्ति भी इसी गिरोह से होने का दावा एसटीएफ ने किया है।
गिरोह के सदस्य श्रेयांश यादव के विरुद्ध गोरखपुर के विभिन्न थानों के अलावा महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में भी मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों, हथियार आपूर्तिकर्ताओं और खरीदारों की तलाश कर रही है।

