स्कूली बस चालकों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य, अभियान चलाकर परिवहन विभाग करेगा जांच

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गोरखपुर मंडल में 19 सितंबर तक मिशन सेफ फ्यूचर 3.0 अभियान, अनफिट और बिना वैध कागजात वाले वाहनों पर भी शिकंजा

गोरखपुर। स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों के चालकों का पुलिस से चरित्र सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। जांच में बिना पुलिस सत्यापन के वाहन चलाते मिले चालक के साथ संबंधित विद्यालय प्रबंधन पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बच्चों की सुरक्षा के लिए परिवहन विभाग ने गोरखपुर मंडल में छह दिवसीय मिशन सेफ फ्यूचर 3.0 शुरू किया है। यह अभियान 14 से 19 सितंबर तक गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया और कुशीनगर में चलेगा।उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ के जनहित याचिका संख्या 3436/2020 में दिए गए आदेश और परिवहन आयुक्त के निर्देश के अनुपालन में अभियान चलाया जा रहा है। विभाग ने सभी सरकारी और निजी विद्यालय प्रबंधनों तथा वाहन स्वामियों को अपने अधीन या अनुबंध पर चल रहे वाहनों के चालकों की स्थानीय पुलिस से जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

छात्राओं के लिए महिला परिचर जरूरी

नियम के अनुसार प्रत्येक विद्यालयी वाहन में एक परिचर और शिक्षक की मौजूदगी आवश्यक है। छात्राओं के आवागमन वाले वाहन में महिला परिचर की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करनी होगी। विभाग जांच के दौरान इस व्यवस्था को भी परखेगा

हर विद्यालय में बनेगी परिवहन सुरक्षा समिति

उत्तर प्रदेश मोटर यान नियमावली के तहत प्रत्येक विद्यालय में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति का गठन किया जाना है। समिति में विद्यालय प्राधिकारी अध्यक्ष होंगे। स्थानीय पुलिस के थाना प्रभारी या चौकी प्रभारी, अभिभावक प्रतिनिधि, डीआइओएस और बीएसए के नामित अधिकारी तथा वाहन संचालक इसके सदस्य होंगे।

फिटनेस और आयु सीमा पर भी नजर

प्रवर्तन टीमें अभियान के दौरान अनफिट, बिना फिटनेस, निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुके और आवश्यक कागजात के बिना संचालित वाहनों की जांच करेंगी। निलंबित पंजीयन वाले वाहन अथवा अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी होने के बावजूद चलते मिले वाहनों पर भी कठोर प्रवर्तन किया जाएगा।

अभिभावक भी जांच लें ये तीन बातें

संभागीय परिवहन अधिकारी नरेश कुमार वर्मा ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को स्कूल भेजते समय वाहन की फिटनेस, चालक की पुलिस जांच और महिला परिचर की उपलब्धता के बारे में जानकारी जरूर लें। बच्चों की सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने की की गई है।

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