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कुसम्ही जंगल में स्थित बुढ़िया माई के दरबार में भोर से देर शाम तक लगी रही श्रद्धालुओं की कतार, नवरात्र के पहले दिन बड़ी संख्या में पहुंचे भक्त
गोरखपुर। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन रविवार को कुसम्ही जंगल स्थित बुढ़िया माई मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर होते ही माता के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर शाम तक जारी रहा। श्रद्धालुओं ने कपूर और अगरबत्ती जलाकर माता की पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। नवरात्र के दौरान इस मंदिर में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। जंगल के बीच स्थित यह प्राचीन आस्थास्थल क्षेत्र के लोगों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है।
लोकआस्था में रची-बसी हैं बुढ़िया माई
कुसम्ही जंगल में स्थित बुढ़िया माई मंदिर गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है। नवरात्र में यहां दर्शन-पूजन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। मंदिर से जुड़ी लोकमान्यताएं पीढ़ियों से लोगों के बीच प्रचलित हैं। श्रद्धालु माता के दरबार में मत्था टेककर मनोकामनाओं की पूर्ति और परिवार की मंगलकामना करते हैं। नवरात्र के दिनों में मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक उत्साह दिखाई देता है।

भोर से ही शुरू हो गया दर्शन-पूजन
रविवार को नवरात्र के पहले दिन मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। दिन चढ़ने के साथ दर्शनार्थियों की संख्या बढ़ती गई। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद लिया। देर शाम तक मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम जारी रहा।
इस मौके पर बुढ़िया माई के सेवक अजय कुमार, मुख्य पुजारी रामानंद, दुर्गेश पांडेय सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
