निशाचर रावण से प्रेरित हैं समाज को बांटने वाले, आज के कालनेमियों को पहचानें : सीएम योगी

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मानसरोवर रामलीला मैदान में श्रीराम के राजतिलक समारोह में बोले मुख्यमंत्री, जाति-क्षेत्र और भाषा के नाम पर विभाजन को बताया राष्ट्र की एकता के लिए खतरा

कहा- राम मंदिर का निर्माण सत्ता से नहीं, संकल्प और सनातन समाज की एकजुटता से हुआ; नशे, दुष्प्रचार और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान

गोरखपुर। मुख्यमंत्री, गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने वाले लोग निशाचर रावण की विचारधारा से प्रेरित हैं। ऐसे तत्व भारत की एकता और मजबूती को कमजोर करना चाहते हैं। देश के विरुद्ध दुष्प्रचार करने वाली ताकतें देश के भीतर भी हैं और विदेश से भी प्रायोजित हैं। उन्होंने लोगों से समाज को बांटने, भ्रम फैलाने और युवाओं को नशे की ओर धकेलने वाली ताकतों को पहचानने तथा राष्ट्रहित में एकजुट रहने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार शाम मानसरोवर रामलीला मैदान में श्री श्री रामलीला समिति, आर्यनगर की ओर से आयोजित प्रभु श्रीराम के राजतिलक समारोह को संबोधित कर रहे थे। विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि जब भारत कमजोर होता है, तब उसकी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत पर आघात होता है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि, मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ मंदिर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश की मजबूती ही उसकी सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक आस्थाओं की रक्षा का आधार है।

भारत की मजबूती से ही सुरक्षित रहेगी सांस्कृतिक विरासत

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत जब कमजोर होता है, तब मंदिरों और सांस्कृतिक विरासत पर आघात होता है। नारी गरिमा भी प्रभावित होती है और महिलाओं को अपमानित किया जाता है। इसके विपरीत, मजबूत भारत अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को पुनः प्रतिष्ठित करने में सक्षम होता है। उन्होंने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण को इसी संकल्प का परिणाम बताया।

सीएम योगी ने कहा कि जिन लोगों ने राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान रामभक्तों पर अत्याचार किए और मंदिर निर्माण का विरोध किया, वे आज राम-राम का उद्घोष कर रहे हैं। उन्होंने इसकी तुलना रामायण के पात्र कालनेमि से करते हुए कहा कि बजरंगबली की तरह समाज को भी आज के कालनेमियों को पहचानना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या और श्रीराम मंदिर को लेकर भ्रम फैलाने वाले लोग देश की एकता को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं।

देश है तो धर्म है, धर्म से ही हमारा अस्तित्व

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश है तो धर्म है और धर्म है तो हम सब हैं। कोई व्यक्ति, समाज या जाति तब तक सुरक्षित नहीं रह सकती, जब तक भारत सुरक्षित नहीं है। उन्होंने सनातन परंपरा को भारत की सांस्कृतिक शक्ति बताते हुए कहा कि देश की विविधता और सामाजिक एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में धार्मिक और वैचारिक आधार पर संघर्ष देखने को मिलते हैं, जबकि भारत सनातन परंपरा के आधार पर विभिन्न जातियों, संप्रदायों और मतों के लोगों को सुरक्षा एवं समृद्धि का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने भारतीय ऋषि परंपरा के सूत्र ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः’ का उल्लेख करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प से जोड़ा।

रावण के दस सिरों में छिपी हैं दस सामाजिक बुराइयां

सीएम योगी ने रावण के दस सिरों को दस बुराइयों का प्रतीक बताते हुए कहा कि इनमें अधर्म, असत्य, अन्याय, अत्याचार, अमर्यादा, भ्रष्टाचार, दुराचार, भ्रम, दुष्प्रचार और नशा शामिल हैं। इन बुराइयों का अंत किए बिना समाज में वास्तविक रामराज्य की स्थापना संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रभु श्रीराम ने रावण का अंत कर रामराज्य का मार्ग प्रशस्त किया था, उसी प्रकार आज समाज और राष्ट्र की एकता में बाधक प्रवृत्तियों का मजबूती से विरोध करना होगा। विजयादशमी का पर्व केवल प्रतीकात्मक रूप से रावण दहन करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि लोगों को अपने जीवन और समाज में व्याप्त बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प भी लेना चाहिए।

सत्ता नहीं, संकल्प और एकजुटता से बना राम मंदिर

मुख्यमंत्री ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि रामभक्तों के पास आंदोलन के दौरान सत्ता नहीं, बल्कि संकल्प था। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने मंदिर निर्माण की आस्था और विश्वास को बनाए रखा। सनातन समाज की एकजुटता ने इस संकल्प को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम की मर्यादा, उनके वचन और कर्म की एकरूपता आज भी समाज को प्रेरित करती है। हनुमान जी के संकल्प ‘राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहाँ विश्राम’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों से समाज और राष्ट्र के हित में अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की।

नशे के खिलाफ सरकार के साथ समाज भी निभाए जिम्मेदारी

सीएम योगी ने नशे को युवा पीढ़ी और समाज के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि इसके खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। सरकार नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के विरुद्ध कार्रवाई कर रही है और उनकी संपत्तियां जब्त करने जैसे कठोर कदम उठा रही है। हालांकि, इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए परिवार, मोहल्ले और समाज को भी आगे आना होगा।

उन्होंने कहा कि युवाओं का जीवन बर्बाद करने वाली गतिविधियों को अपने आसपास पनपने नहीं देना चाहिए। दुष्प्रचार करने, समाज में भ्रम फैलाने और नशे के माध्यम से नई पीढ़ी को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ युवाओं, नारी शक्ति और पूरे समाज को एकजुट होना होगा।

रामलीलाएं सामाजिक समरसता और एकता की प्रतीक

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलीलाएं प्रभु श्रीराम के जीवन और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ सामाजिक समरसता का संदेश देती हैं। गांवों में राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, सीता, दशरथ, कौशल्या, कैकेयी, हनुमान, सुग्रीव, अंगद, जामवंत, शबरी और निषादराज जैसे पात्र स्थानीय लोग निभाते हैं। इस परंपरा में समाज के विभिन्न वर्ग एक साथ आकर सामूहिक रूप से धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाते हैं।

उन्होंने कहा कि रामलीला में किसी पात्र की जाति नहीं पूछी जाती, बल्कि उसके कार्य और योगदान को महत्व दिया जाता है। यह परंपरा समानता, एकता और सामाजिक समरसता का आदर्श प्रस्तुत करती है। लोगों को जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर विभाजन के बजाय राष्ट्रहित को प्राथमिकता देनी चाहिए।

परिवार के साथ समय बिताएं, बच्चों को परंपराओं से जोड़ें

सीएम योगी ने आधुनिक जीवनशैली में परिवार के लिए समय निकालने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक ही घर में रहने के बावजूद कई बार परिवार के सदस्य सामाजिक माध्यमों और अपने-अपने कार्यों में व्यस्त रहते हैं। लोगों को परिवार के साथ समय बिताना चाहिए और धार्मिक ग्रंथों तथा महापुरुषों की जीवनियों का अध्ययन करना चाहिए।

उन्होंने कैलाश मानसरोवर, बदरीनाथ, केदारनाथ, जगन्नाथपुरी, द्वारकापुरी, कन्याकुमारी, रामेश्वरम और धनुषकोटि जैसे प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की यात्रा करने की सलाह दी। कहा कि ऐसे स्थलों पर जाकर उनकी परंपराओं और ऐतिहासिक महत्व को समझने से बच्चों को भी अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है।
मुख्यमंत्री ने डबल इंजन सरकार की योजनाओं को रामराज्य की अवधारणा से जोड़ते हुए कहा कि आदर्श शासन का उद्देश्य ऐसा समाज बनाना है, जहां किसी को दुख और दरिद्रता का सामना न करना पड़े, हर व्यक्ति को सम्मान मिले और अन्याय-अत्याचार के लिए कोई स्थान न हो।

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, विद्युत कनेक्शन, रसोई गैस कनेक्शन और प्रधानमंत्री मुफ्त अन्न योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि जरूरतमंदों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में 67 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जा रही है। गरीब परिवारों की बेटियों की शिक्षा और विवाह के लिए भी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बेटियों के विवाह के लिए एक लाख रुपये तक की सहायता का उल्लेख करते हुए उन्होंने रोजगार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में सीधे धनराशि पहुंचने से पारदर्शिता बढ़ी है। नारी गरिमा और सुरक्षा को शासन की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की बात कही।

राष्ट्रहित में एकजुट होकर अराजक ताकतों को परास्त करने का आह्वान

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता यदि देश की एकता और राष्ट्रहित के संकल्प के साथ आगे बढ़ेगी, तो समाज को बांटने और अराजकता फैलाने वाली ताकतों को परास्त किया जा सकेगा। उन्होंने अन्याय, अत्याचार, नारी गरिमा पर आघात और भारत के विरुद्ध दुष्प्रचार करने वाले तत्वों का एकजुट होकर विरोध करने का आह्वान किया।

रामलीला समिति ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

कार्यक्रम में श्री श्री आर्यनगर रामलीला समिति के अध्यक्ष पुष्पदंत जैन ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए रामलीला मैदान और मंच को सुरक्षित एवं संसाधन संपन्न बनाने के लिए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि गोरक्षपीठ की परंपरा सदियों से धर्म और राष्ट्र की रक्षा करती आई है।

इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष कामेश्वर सिंह, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, रामलीला समिति के उपाध्यक्ष अतुल सराफ, महामंत्री दीपजी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मनीष अग्रवाल, उपमंत्री सुधीर जैन, कीर्तिरमण दास, अनुराग गुप्ता, विकास जालान, महेश पोद्दार, शोभित मोहन दास, गिरिजा शंकर जायसवाल, बृजेश मणि मिश्रा, नवोदित त्रिपाठी, श्रीराम शर्मा निमाई जी, समरेंदु कुमार सिंह, शाश्वत अग्रवाल और मनीष जैन सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

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